No Slide Found In Slider.
राज्य

बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर पर छापा, 50 हजार की दवाएं सीज

No Slide Found In Slider.

फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र में औषधि विभाग की टीम ने अवैध रूप से संचालित एक मेडिकल स्टोर का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय अभियान के तहत की गई इस छापेमारी में बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री और भंडारण का मामला सामने आया है। टीम ने मौके से करीब 50 हजार रुपये मूल्य की एलोपैथिक दवाएं सीज की हैं, साथ ही पांच संदिग्ध दवाओं के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए हैं।

सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि फरीदपुर तहसील के थाना फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के गांव पढ़ेरा में बिना वैध ड्रग लाइसेंस के मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने औषधि निरीक्षक अनामिका अंकुर जैन के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की।

लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका संचालक

टीम जब मौके पर पहुंची तो गांव निवासी देशदीपक सिंह के मेडिकल स्टोर पर एलोपैथिक दवाओं का भंडारण पाया गया। जांच के दौरान स्टोर संचालक से दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई भी अधिकृत लाइसेंस नहीं दिखा सका। इसके बाद टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्टोर में रखी दवाओं को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया।

50 हजार की दवाएं जब्त

औषधि विभाग के अनुसार, मौके से जब्त की गई एलोपैथिक दवाओं की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 50 हजार रुपये आंकी गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण और बिक्री Drugs and Cosmetics Act के तहत दंडनीय अपराध है और इससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

5 संदिग्ध दवाओं के सैंपल लिए गए

छापेमारी के दौरान टीम को कुछ दवाएं संदिग्ध प्रतीत हुईं। एहतियातन पांच दवाओं के सैंपल संग्रहित किए गए हैं। इन्हें राजकीय प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित दवाएं मानक गुणवत्ता (Standard Quality) की हैं या नहीं।

औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि जांच रिपोर्ट में दवाएं Substandard या Spurious पाई जाती हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत न्यायालय में परिवाद दाखिल किया जाएगा और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अवैध दवा बिक्री पर सख्ती

औषधि विभाग का कहना है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोर न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि नकली या घटिया दवाओं के माध्यम से मरीजों की जान को जोखिम में डाल सकते हैं। ऐसे मामलों में विभाग Zero Tolerance नीति पर काम कर रहा है।

No Slide Found In Slider.

Live bharat TV

Related Articles

Back to top button