UP Budget 2026: बरेली के 3 नाथ मंदिरों को 14.91 करोड़, नाथ कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार

उत्तर प्रदेश बजट 2026 में बरेली के ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र रहे तीन प्रमुख नाथ मंदिरों—तपेश्वरनाथ, त्रिवटी नाथ और वनखंडी नाथ—के विकास को नई गति मिली है। नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत इन मंदिरों के लिए 14.91 करोड़ रुपये की विशेष धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे न केवल निर्माण कार्य तेज होगा, बल्कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
231 करोड़ से अधिक की मेगा परियोजना
नाथ कॉरिडोर परियोजना की कुल लागत 231 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इसका उद्देश्य बरेली को धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण, पाथवे निर्माण, लाइटिंग, पार्किंग, यात्री सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, हरित क्षेत्र विकास और डिजिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
स्वीकृत बजट से मंदिरों के आसपास बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें शामिल हैं:
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बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी
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स्वच्छ पेयजल और शौचालय व्यवस्था
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सीसीटीवी आधारित सुरक्षा सिस्टम
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पार्किंग और यात्री विश्राम स्थल
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दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं
इसके अतिरिक्त, परिसर को आध्यात्मिक पर्यटन के अनुरूप विकसित कर आकर्षक लैंडस्केपिंग और प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
नाथ कॉरिडोर के विकसित होने से बरेली में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य छोटे व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा।
परियोजना के निर्माण और संचालन चरण में स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन (Employment Generation) के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में परियोजना
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के समग्र विकास के माध्यम से पर्यटन मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति पर काम कर रही है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या विकास परियोजनाओं के बाद अब नाथ कॉरिडोर को भी उसी मॉडल पर विकसित करने की योजना है।






