US Trade Deal के विरोध में बरेली में भाकियू का प्रदर्शन, कलक्ट्रेट पर हंगामा

अमेरिका के साथ प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) से जुड़े किसानों ने बृहस्पतिवार को बरेली में जोरदार प्रदर्शन किया। किसान पूर्वाह्न करीब 11 बजे जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।
कलक्ट्रेट के सामने स्थित चौराहे पर किसानों ने नारेबाजी की और लगभग 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा कलक्ट्रेट गेट पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। किसान नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव शिशुपाल सिंह और जिला महासचिव सत्येंद्र सिंह ने कहा कि प्रस्तावित US-India Trade Deal किसान हितों के खिलाफ है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।
यूनियन पदाधिकारियों का आरोप था कि इस समझौते से पहले किसानों की राय नहीं ली गई, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत है।
डेयरी सेक्टर पर असर की आशंका
भाकियू पदाधिकारियों ने दावा किया कि यह व्यापार समझौता विशेष रूप से डेयरी सेक्टर पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।
प्रदेश सचिव जगत पाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष पंकज शर्मा, यामीन मलिक और फरीदपुर तहसील अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि यदि विदेशी डेयरी उत्पादों को भारत में खुली छूट मिलती है, तो स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और छोटे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
आंवला तहसील अध्यक्ष महाराज सिंह यादव, सलीम मलिक, हाजी इकबाल अहमद और सुधीर बालियान ने सवाल उठाया कि सरकार ने डील से पूर्व किसान संगठनों से परामर्श क्यों नहीं किया।
कार चालक से विवाद, मारपीट की कोशिश
प्रदर्शन के दौरान एक कार चालक के साथ विवाद की स्थिति भी बन गई। किसानों ने आरोप लगाया कि एक वाहन ने उनके साथी को टक्कर मार दी, हालांकि घायल व्यक्ति का नाम स्पष्ट नहीं किया जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक कार को कुछ दूरी पर खड़ा कर पैदल निकलने का प्रयास कर रहा था, तभी कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और मारपीट की कोशिश की। मौके पर मौजूद एसआई शिव सिंह चाहर ने हस्तक्षेप कर चालक को भीड़ से बचाया और कोतवाली भेज दिया।
बताया जा रहा है कि वाहन पर ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ अंकित था और उसमें एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार किशोर सुधार गृह के एक अधिकारी की निजी गाड़ी बताई जा रही है, हालांकि घटना के समय अधिकारी स्वयं उसमें मौजूद नहीं थे।
प्रशासन की सतर्कता
हंगामे के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि ज्ञापन को नियमानुसार अग्रसारित किया जाएगा।
फिलहाल, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हो गया, लेकिन किसान संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे भी आंदोलन तेज किया जा सकता है।






