रेखा गुप्ता का बड़ा तोहफा: 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन, छतरपुर में 322 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

राजधानी दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी गांव से 51 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में इन केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 370 हो गई है। यह उपलब्धि मात्र आठ महीनों के भीतर हासिल की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध जांच, दवाइयों और उपचार सुविधाओं की समीक्षा की तथा अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन
मुख्यमंत्री के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल उपचार केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये निवारक एवं प्रोमोटिव स्वास्थ्य सेवाओं के भी सशक्त माध्यम हैं। यहां लगभग 80 प्रकार की निःशुल्क जांचें, आवश्यक दवाइयों की मुफ्त उपलब्धता, उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं, कैंसर स्क्रीनिंग, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, बुजुर्गों की देखभाल तथा गैर-संचारी रोगों की जांच जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र को व्यय नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश बताते हुए कहा कि सरकार शीघ्र ही 1100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगी।
छतरपुर में 322 करोड़ की विकास परियोजनाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने छतरपुर विधानसभा क्षेत्र में 322 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं में सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, नालियों का निर्माण, ट्रैफिक जाम के समाधान हेतु आधारभूत संरचना में सुधार, स्कूलों का उन्नयन तथा सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है।
कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक करतार सिंह तंवर, निगम पार्षद सुंदर सिंह तंवर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि महरौली-बदरपुर रोड पर 1471 करोड़ रुपये की लागत से डबल डेकर फ्लाईओवर निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, छतरपुर क्षेत्र को तीन नए स्कूलों और चार एलिवेटेड रोड परियोजनाओं की मंजूरी भी प्रदान की गई है।
इस पहल को राजधानी में स्वास्थ्य एवं आधारभूत ढांचे के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



