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बरेली

महाशिवरात्रि 2026 पर बरेली के सात प्राचीन नाथ मंदिरों में विशेष सजावट, जानें पौराणिक महत्व

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बरेली में महाशिवरात्रि 2026 को लेकर शिवालयों में विशेष सजावट की जा रही है। फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से मंदिरों को सजाया जा रहा है। प्रशासन और मंदिर समितियों ने सुरक्षा, बैरिकेडिंग और सुगम दर्शन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।

शहर के सात प्राचीन नाथ मंदिर ‘नाथ नगरी’ की पहचान को जीवंत करते हैं। आइए जानते हैं इन शिवालयों का पौराणिक और धार्मिक महत्व।


1. पशुपतिनाथ मंदिर, बरेली

पीलीभीत रोड पर स्थित यह मंदिर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर निर्मित है। मान्यता है कि एक श्रद्धालु को स्वप्न में भगवान शिव ने मंदिर निर्माण का निर्देश दिया था। परिसर में 108 शिवलिंग स्थापित हैं। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष श्रृंगार और प्रातः आरती के बाद दर्शन प्रारंभ होंगे।


2. वनखंडीनाथ मंदिर, बरेली

जोगी नवादा स्थित यह मंदिर महाभारत कालीन माना जाता है। किंवदंती है कि मुगलों द्वारा ध्वंस का प्रयास असफल रहा। यहां अनेक ऋषियों की तपस्थली और समाधियां मौजूद हैं। महाशिवरात्रि पर 108 शिवलिंगों पर विशेष जलाभिषेक होता है।


3. तपेश्वरनाथ मंदिर, बरेली

सुभाषनगर में स्थित यह लगभग 500 वर्ष प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि संत बाबा भालू दास की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यहां दर्शन दिए थे। महाशिवरात्रि पर तड़के से ही भक्तों की भीड़ उमड़ती है।


4. धोपेश्वरनाथ मंदिर, बरेली

कैंट क्षेत्र में स्थित यह मंदिर भी महाभारत कालीन माना जाता है। अत्रि ऋषि के शिष्य धूम्र की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहां शिवलिंग रूप में प्रकट हुए, ऐसी मान्यता है। मंदिर के कुंड में स्नान से चर्म रोगों से मुक्ति मिलने की आस्था जुड़ी है।


5. त्रिवटीनाथ मंदिर, बरेली

प्रेमनगर स्थित यह मंदिर लगभग 550 वर्ष पुराना है। स्वयंभू शिवलिंग की स्थापना एक चरवाहे को स्वप्न में सूचना मिलने के बाद हुई थी। महाशिवरात्रि पर एक ओर से प्रवेश और दूसरी ओर से निकास की व्यवस्था की गई है।


6. अलखनाथ मंदिर, बरेली

करीब 1000 वर्ष प्राचीन यह मंदिर संत अलखिया की तपस्थली माना जाता है। यहां स्वयंभू शिवलिंग की स्थापना हुई थी। महाशिवरात्रि पर रात्रि 12 बजे से जलाभिषेक प्रारंभ होगा।


7. मणिनाथ मंदिर, बरेली

मणिनाथ क्षेत्र का नाम इसी मंदिर पर पड़ा। मान्यता है कि यहां कुएं में स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुए, जिनकी रक्षा मणिधारी नाग कर रहा था। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा-अर्चना और भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।


सुरक्षा और व्यवस्थाएं

महाशिवरात्रि के मद्देनजर मंदिरों में बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। डिजिटल लाइटिंग, विशेष श्रृंगार और रात्रि जागरण के साथ नाथ नगरी अपने आराध्य के महापर्व के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

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