बरेली में रील बनाने के लिए युवक ने ट्रैक पर रखा मोबाइल, लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी ट्रेन

बरेली मंडल के पीलीभीत जंक्शन के पास एक युवक द्वारा सोशल मीडिया रील बनाने के लिए रेलवे ट्रैक पर मोबाइल फोन रखना भारी पड़ सकता था। सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया।
बताया गया कि युवक ने रात में फ्लैश लाइट ऑन कर मोबाइल ट्रैक के बीच रख दिया, ताकि गुजरती ट्रेन का वीडियो बना सके।
लोको पायलट की सूझबूझ से बची ट्रेन
टनकपुर-पीलीभीत पैसेंजर ट्रेन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। लोको पायलट रवि के अनुसार, ट्रैक के मोड़ के बाद सीधी लाइन पर आते ही हेडलाइट की रोशनी में पटरी के बीच चमकती लाइट दिखाई दी।
स्थिति संदिग्ध लगने पर उन्होंने और सहायक लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन की रफ्तार 90 से घटकर 70, फिर 40 और अंततः मोबाइल से दो-तीन मीटर पहले रुक गई।
इंजन से उतरते ही एक युवक खंभे की आड़ से दौड़कर आया, मोबाइल उठाया और मौके से फरार हो गया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
हाल के दिनों में ऐसे स्टंट जानलेवा साबित हुए हैं। शाहजहांपुर में रील बनाते समय वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो चुकी है।
इसी तरह रिठौरा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल पर रील बनाते समय स्लैब गिरने से एक युवक की जान चली गई थी।
रेल प्रशासन की अपील
लोको पायलट ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपील की है कि रोमांच और इंटरनेट पर लोकप्रियता के लिए इस तरह की जोखिम भरी हरकतें न करें। रेलवे ट्रैक प्रयोग या मनोरंजन का स्थान नहीं है। एक छोटी सी लापरवाही सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है।






