बरेली में बकाया संपत्ति कर पर सख्ती, नगर निगम ने 20 भवनों को किया सील

बरेली नगर निगम ने बकाया संपत्ति और भवन कर की वसूली के लिए एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। लगातार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्धारित समयसीमा में कर जमा न करने वाले संपत्ति मालिकों के खिलाफ शुक्रवार को व्यापक सीलिंग अभियान चलाया गया। शहर के चारों जोन में एक साथ की गई कार्रवाई के दौरान 20 आवासीय और व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया गया।
नगर निगम के संपत्ति कर विभाग की टीमों ने सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर बकायेदारों की सूची के आधार पर कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, जिन संपत्ति स्वामियों को कई बार नोटिस भेजे गए थे और चेतावनी के बाद भी उन्होंने कर जमा नहीं किया, उन्हीं के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान लगभग ढाई लाख रुपये की कर वसूली भी की गई।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पी.के. द्विवेदी ने बताया कि जोन-1 में गुलाब नगर, इंग्लिशगंज, मलूकपुर, कुंवरपुर और सरनियां क्षेत्रों में स्थित कई संपत्तियों को सील किया गया। इनमें हामिद हुसैन, मोहम्मद रजा खान, महबूब हुसैन, रईस अहमद, मुमताज बेगम, नसीर अहमद, शाहिद, ईशाक चौधरी और शाइस्ता बेगम की संपत्तियां शामिल हैं।
जोन-2 में फाल्तूनगंज क्षेत्र में वशीर अहमद की दो संपत्तियों पर ताला लगाया गया। वहीं जोन-3 के अंतर्गत नई बस्ती, कांकर टोल और एजाज नगर गौटिया क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। यहां नईम उल्ला, हिमायत उल्ला, खुशनुमा, शमीम बानो और शाहजहां बेगम की संपत्तियों को सील किया गया।
जोन-4 में भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रेमनगर के भूड़ क्षेत्र में रामकली देवी, गांधीपुरा में राजकुमार तथा एक प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान डायमंड टायर्स शोरूम को सील किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बकायेदारों को चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई है, ताकि अन्य संपत्ति स्वामी समय पर कर अदा करें।
नगर निगम प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि संपत्ति कर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत है, जिससे शहर की सफाई, सड़क मरम्मत, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का संचालन होता है। कर भुगतान में लापरवाही से नगर निगम की योजनाएं प्रभावित होती हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सीलिंग की प्रक्रिया नियमानुसार की गई और संबंधित संपत्ति मालिकों को पूर्व में कई अवसर दिए गए थे। इसके बावजूद भुगतान न करने पर यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन बकायेदारों ने मौके पर ही आंशिक भुगतान किया, उनसे राशि लेकर आगे की कार्रवाई स्थगित की गई।
नगर निगम ने सभी भवन एवं व्यवसायिक संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल बकाया कर जमा करें। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा और बड़े बकायेदारों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में इस कार्रवाई के बाद अन्य करदाताओं में भी हलचल देखी जा रही है। नगर निगम का मानना है कि सख्ती से वसूली अभियान चलाने पर कर संग्रह में सुधार होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।




