बरेली सरस्वती विहार कॉलोनी में मोबाइल टावर विवाद

बरेली। शहर के सरस्वती विहार कॉलोनी, वार्ड नंबर 17 में प्रस्तावित मोबाइल टावर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉलोनीवासियों ने टावर स्थापना के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
स्थानीय नागरिकों ने एसीएम द्वितीय को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि जिस भूखंड पर मोबाइल टावर स्थापित किया जा रहा है, वह मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए क्रय किया गया था। आसपास घनी आबादी और मकान मौजूद हैं, इसके बावजूद बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) के व्यावसायिक गतिविधि शुरू की जा रही है।
मास्टर प्लान उल्लंघन का आरोप
कॉलोनीवासियों का कहना है कि प्रस्तावित टावर मास्टर प्लान और स्थानीय विकास प्राधिकरण के नियमों के विपरीत है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि बिना अनुमति और नियमानुसार प्रक्रिया के टावर स्थापित किया गया तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि भविष्य में कानूनी जटिलताएं भी उत्पन्न कर सकता है।
शिकायतकर्ता चंद्र प्रकाश शर्मा ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जब तक सभी तथ्यों की पुष्टि न हो जाए, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जानी चाहिए।
100 मीटर के दायरे में पहले से मौजूद टावर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रस्तावित स्थल से लगभग 40 मीटर की दूरी पर पहले से एक मोबाइल टावर स्थापित है। ऐसे में 100 मीटर के भीतर दूसरा टावर लगाए जाने से स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि लगातार रेडिएशन के संपर्क में रहने से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
एक स्थानीय महिला ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कॉलोनी पूरी तरह आवासीय है और यहां व्यावसायिक संरचना खड़ी करना अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।
प्रशासन से निर्माण रोकने की मांग
कॉलोनीवासियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगे।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या कार्रवाई होती है और क्या प्रस्तावित मोबाइल टावर को अनुमति मिलती है या नहीं।






