भीमपुरा थाने का 31 साल पुराना बंद कमरा खुला, एसपी ने की मरम्मत

भीमपुरा (उत्तर प्रदेश)। पुलिस का नाम सुनते ही आम लोग कुछ देर के लिए सहम जाते हैं, लेकिन भीमपुरा थाने की पुलिस पिछले तीन दशकों तक अपने ही थाने के बंद कमरे को लेकर खौफ में रही। करीब 31 वर्षों से बंद पड़ा यह कमरा कई थानाध्यक्षों के कार्यकाल में भी नहीं खोला गया।
हालांकि अब एसपी की पहल पर यह कमरा खोलकर उसकी मरम्मत और रंगाई-पोताई कर दी गई है।
बंद कमरे की कहानी
इस घटना की शुरुआत वर्ष 1995 में हुई थी। उस समय भीमपुरा थाना क्षेत्र के प्रेमरजा गांव के अटल बिहारी मिश्र, जो बीएचयू (वाराणसी) में एमए अंतिम वर्ष के छात्र थे, से जुड़ा था। उसी समय घटित घटनाओं के बाद यह कमरा थाने में बंद कर दिया गया था।
नई पहल
थाने के बंद कमरे को अब न केवल खोला गया है, बल्कि उसकी सुरक्षा, मरम्मत और रंगाई-पोताई भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अब यह कमरा थाने के कार्यों में उपयोग किया जाएगा और पुलिसकर्मियों के लिए कार्यस्थल के रूप में सुरक्षित रहेगा।
यह कदम भीमपुरा थाने में पुराने भय और अंधविश्वास को समाप्त करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।






