बरेली में परिवहन मेला, One Time Tax पर जोर

बरेली के संभागीय परिवहन कार्यालय परिसर में आज “परिवहन मेला” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस जनहितकारी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं, विशेषकर One Time Tax (एकमुश्त वाहन कर) व्यवस्था के प्रति जागरूक करना रहा, ताकि उन्हें बार-बार कर भुगतान की प्रक्रिया से राहत मिल सके।
इस अवसर पर उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र-बरेली) कमल प्रसाद गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी पंकज सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रणव झा तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. पी. के. सरोज भी मौजूद रहे।
One Time Tax पर विशेष जोर
अधिकारियों ने मेले में उपस्थित वाहन स्वामियों से अपील की कि वे अपने वाहनों का एकमुश्त कर जल्द जमा कराएं। इससे न केवल बार-बार टैक्स जमा करने की झंझट खत्म होगी, बल्कि समय की बचत और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों के अनुसार, One Time Tax व्यवस्था अपनाने से वाहन स्वामियों को लंबी अवधि तक कर भुगतान से मुक्ति मिलती है और प्रशासनिक कार्यवाही भी सरल हो जाती है।
वाहन स्वामियों में दिखा उत्साह
परिवहन मेले में बड़ी संख्या में वाहन स्वामी शामिल हुए। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद कर पंजीयन, कर निर्धारण और प्रवर्तन से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मेले के दौरान विभागीय कर्मचारियों ने वाहन मालिकों को विभिन्न सेवाओं के बारे में विस्तार से समझाया, जिससे उन्हें प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्टता मिल सके।
यूनियन की भी सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में परिवहन यूनियन, बरेली के पदाधिकारी भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने वाहन स्वामियों को विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया और जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
पम्पलेट के जरिए दी गई जानकारी
मेले में आए सभी आगंतुकों और वाहन स्वामियों को विभाग की योजनाओं और One Time Tax प्रक्रिया से संबंधित जानकारीयुक्त पम्पलेट वितरित किए गए। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाना रहा।
आगे भी होंगे ऐसे आयोजन
संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि आमजन को परिवहन विभाग की सेवाएं सरल और सुलभ तरीके से मिलती रहें।
यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को भी मजबूत करने में कारगर साबित हुआ।






