बरेली: आईवीआरआई की टीम ने बचाई श्वेत बाघिन की जान, छह घंटे चली जटिल सर्जरी

बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने दिल्ली चिड़ियाघर की डेढ़ वर्षीय श्वेत बाघिन की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक कर उसकी जान बचा ली। बाघिन दोनों पैरों में टिबियल फ्रैक्चर से पीड़ित थी और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी।
जानकारी के अनुसार बाघिन को 2 मार्च को फ्रैक्चर हुआ था। इसके बाद 3 मार्च को चिड़ियाघर के पशु चिकित्सालय में फाइबरग्लास बैंडेजिंग के माध्यम से प्रारंभिक उपचार कर उसे स्थिर किया गया। हालांकि चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्नत सर्जरी की आवश्यकता महसूस हुई और 4 व 5 मार्च को इस संबंध में आईवीआरआई के निदेशक को सूचित किया गया।
इसके बाद आईवीआरआई की विशेषज्ञ सर्जिकल टीम को ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। 7 मार्च को डॉक्टरों की टीम ने करीब छह घंटे तक चली जटिल सर्जरी कर बाघिन के दोनों पैरों के फ्रैक्चर को सफलतापूर्वक ठीक किया।
इस सर्जरी का नेतृत्व आईवीआरआई के सर्जरी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रोहित कुमार ने किया। उनके साथ डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. अमन, डॉ. साईं और डॉ. प्रेम की टीम भी मौजूद रही।
ऑपरेशन के दौरान दाहिने पैर की टिबिया को डबल प्लेटिंग तकनीक के माध्यम से स्थिर किया गया, जबकि बाएं पैर की टिबिया को रॉड-प्लेट कंस्ट्रक्ट की मदद से ठीक किया गया। फिलहाल श्वेत बाघिन को पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।






