बरेली: फर्जी वर्कऑर्डर से बांटी नौकरियां, संस्था पर एफआईआर
बरेली: फर्जी वर्कऑर्डर से बांटी नौकरियां, संस्था पर एफआईआर

बरेली: फर्जी वर्कऑर्डर से बांटी नौकरियां, संस्था पर एफआईआर
कृषि विभाग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, कई युवाओं से छल—डीएम के आदेश पर कार्रवाई तेज
📍 बरेली | रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल
बरेली में कृषि विभाग के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। किसान रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्य के बहाने एक निजी संस्था द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के जरिए युवाओं को नौकरी देने का मामला उजागर हुआ है। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
🔴 ऐसे खुला फर्जीवाड़े का खेल
पूरा मामला तब सामने आया जब ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पदों पर की गई नियुक्तियों की सूचना रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। दस्तावेजों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कृषि विभाग ने ऐसा कोई वर्क ऑर्डर जारी ही नहीं किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित वर्क ऑर्डर पर कृषि निदेशक के हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी थे। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
🏢 संस्था पर आरोप
लखनऊ स्थित संस्था “राधे कृष्णा इंटरप्राइजेज सहज सुलभ बलराम समिति” पर आरोप है कि उसने फर्जी शासनादेश और दस्तावेजों के आधार पर खुद को कृषि विभाग से अधिकृत बताकर युवाओं को नौकरी पर रखा।
संस्था ने बरेली के भोजीपुरा, आलमपुर जाफराबाद, मीरगंज और सदर क्षेत्र के कई युवाओं—ऋषभ पाल, अजय वर्मा, महेशपाल, संतोष कश्यप समेत अन्य को ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पदों पर नियुक्त कर दिया।
📄 फर्जी दस्तावेजों से किया गुमराह
उप कृषि निदेशक हिमांशु पांडेय के अनुसार संस्था ने 13 अक्टूबर 2025 के कथित शासनादेश का हवाला देकर विभाग को भ्रमित करने की कोशिश की। साथ ही जीएसटी नंबर का उल्लेख कर अपने दस्तावेजों को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
लेकिन विभागीय जांच में स्पष्ट हो गया कि:
ऐसा कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ
वर्क ऑर्डर पूरी तरह फर्जी था
हस्ताक्षर कूटरचित थे
⚖️ एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप कृषि निदेशक ने भोजीपुरा थाने में संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
हाईलाइट्स
कृषि विभाग के नाम पर फर्जी वर्क ऑर्डर जारी
कई युवाओं को ब्लॉक कोऑर्डिनेटर बनाकर नौकरी दी गई
निदेशक के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल
डीएम के आदेश पर भोजीपुरा थाने में एफआईआर
13 अक्टूबर 2025 का कथित शासनादेश पूरी तरह फर्जी






