बरेली में जल जीवन मिशन का टैंक भरभराकर गिरा, 5 घायल; डेढ़ साल में ही ध्वस्त

1. बरेली में जल जीवन मिशन का टैंक भरभराकर गिरा, 5 घायल; डेढ़ साल में ही ध्वस्त
2. ₹3.62 करोड़ का ओवरहेड टैंक ढहा, घटिया निर्माण के आरोपों में घिरा सिस्टम
3. जल जीवन मिशन पर सवाल: 60 फीट ऊंचा टैंक गिरा, भ्रष्टाचार की खुली पोल
बरेली। (रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल)
बरेली जिले के आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदारनगर में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब जल जीवन मिशन के तहत बना 60 फीट ऊंचा ओवरहेड टैंक अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में ताश खेल रहे पांच ग्रामीण मलबे में दबकर घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह ओवरहेड टैंक करीब ₹3.62 करोड़ की लागत से डेढ़ साल पहले ही तैयार हुआ था, जो अब निर्माण गुणवत्ता और सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
⚡️ हाइलाइट्स
60 फीट ऊंचा ओवरहेड टैंक अचानक गिरा
5 ग्रामीण घायल, 1 की हालत गंभीर
₹3.62 करोड़ की लागत से बना था टैंक
ग्रामीणों ने लगाया घटिया निर्माण का आरोप
डीएम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
💥 कैसे हुआ हादसा?
सोमवार शाम करीब 5:30 बजे टैंक के पिलर अचानक धंस गए और देखते ही देखते पूरा ढांचा जमींदोज हो गया। उस वक्त टैंक पानी से भरा हुआ था, जिससे मलबे के साथ पानी भी तेजी से नीचे गिरा।
हादसे के समय पास में बैठे डोरीलाल (32), अर्जुन (30), वीरपाल (48), रविंद्र (50) और नन्कू उर्फ वेदपाल (45) इसकी चपेट में आ गए।
🚑 राहत और बचाव
घटना की सूचना मिलते ही सीओ आंवला नितिन कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया।
प्रशासन ने जेसीबी से मलबा हटाकर राहत अभियान चलाया। गनीमत रही कि कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई।
⚠️ घटिया निर्माण के आरोप
ग्रामीणों और प्रधान ने निर्माण में भारी अनियमितता के आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि एनसीसी कंस्ट्रक्शन कंपनी और ठेकेदार अमरीश ने मानकों की अनदेखी की
पिलर कमजोर बनाए गए और ऊपर का ढांचा अस्थायी तरीके से तैयार किया गया
शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई
प्रधान नसरीन फातिमा और उनके पति सरताज ने बताया कि टैंक निर्माण के दौरान कई बार विरोध दर्ज कराया गया, लेकिन गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ।
🗣️ ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा सरकारी धन के बंदरबांट का नतीजा है।
अगर समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
😰 बड़ी त्रासदी टली
हादसे के समय टैंक के पास बच्चों की ट्यूशन और ग्रामीणों की भीड़ नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
ऑपरेटर भी उस वक्त मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई।
🏛️ प्रशासन हरकत में
घटना के बाद जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और घायलों का हालचाल जाना।
पूरे मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता और निगरानी की पोल खोलने वाला मामला है।
जल जीवन मिशन जैसी अहम योजना में इस तरह की लापरवाही भविष्य में बड़े खतरे का संकेत है।






