5500 KM बस चलाने पर ही सैलरी, परिवहन विभाग सख्त
बरेली परिवहन विभाग ने नया आदेश जारी किया है, अब नियमित चालक-परिचालकों को 5500 किलोमीटर बस संचालन के बाद ही वेतन मिलेगा। ऑफिस में बैठकर वेतन लेने की व्यवस्था खत्म।
बरेली। परिवहन विभाग में लंबे समय से चल रही अनियमितताओं पर अब सख्ती शुरू हो गई है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब नियमित चालक और परिचालकों को केवल बस संचालन का ही कार्य करना होगा, अन्य किसी प्रकार की ड्यूटी नहीं दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, विभाग में तैनात कई स्थायी चालक और परिचालक रूट पर बस चलाने के बजाय कार्यालयों में लिपिकीय कार्य कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि बिना बस चलाए भी उन्हें नियमित वेतन मिल रहा था। इस पूरे मामले में विभागीय स्तर पर मिलीभगत की भी चर्चा रही है।
अब इस व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए प्रधान प्रबंधक (कार्मिक) अंकुर विकास ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि चालक-परिचालकों से केवल बस संचालन का कार्य ही लिया जाए। यदि किसी कर्मचारी से इसके अलावा डाक वितरण या कार्यालयी कार्य कराया जाता है, तो इसे प्रशासनिक विफलता माना जाएगा।
विभाग ने यह भी माना है कि चालक और परिचालकों की कमी के कारण कई बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इसी कारण व्यवस्था बनाए रखने के लिए संविदा पर कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। लेकिन इसके बावजूद स्थायी कर्मचारियों का रूट पर न जाना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
नए निर्देशों के तहत अब उन चालक-परिचालकों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिन्होंने सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच एक भी किलोमीटर बस नहीं चलाई। विभाग ऐसे मामलों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, अब वेतन को वास्तविक कार्य से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। यानी न्यूनतम निर्धारित किलोमीटर बस संचालन (करीब 5500 KM) पूरा करने के बाद ही वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इससे विभाग में पारदर्शिता बढ़ने और बस संचालन व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल लापरवाही पर अंकुश लगेगा, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सेवा मिल सकेगी।
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