बरेली जिला अस्पताल में DM का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर कसे पेंच

उत्तर प्रदेश के बरेली में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। डीएम के अचानक पहुंचने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की ओपीडी (OPD), इमरजेंसी कक्ष, दवा वितरण केंद्र और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को परखा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल में तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति भी चेक की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सभी स्वास्थ्यकर्मी अपने निर्धारित समय पर मौजूद रहें और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। अनुपस्थित या लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत भी दिए गए।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि जिलाधिकारी ने सीधे मरीजों से संवाद किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया। मरीजों ने जहां कुछ व्यवस्थाओं की सराहना की, वहीं कुछ ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं, जिन्हें डीएम ने गंभीरता से सुना।
मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से साफ-सफाई व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा डीएम ने दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक हर समय उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े। दवा वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों में मौजूद व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की इस सक्रियता से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल, डीएम के इस निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है।






