बरेली में बुलडोजर एक्शन का असर: लल्ला मार्केट के बाद कुदेशिया रोड पर अगली कार्रवाई तय

बरेली। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की सख्ती का असर अब जमीन पर साफ नजर आने लगा है। कोहाड़ापीर से प्रेमनगर रोड तक हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों में खौफ का माहौल है। स्थिति यह है कि लल्ला मार्केट क्षेत्र में कई लोग अब खुद ही हथौड़ा चलाकर अपने अवैध निर्माण हटाने में जुट गए हैं।
दरअसल, प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत पहले चरण में कोहाड़ापीर से प्रेमनगर रोड तक व्यापक कार्रवाई की गई थी। इस दौरान सड़क के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। दुकानों के आगे बने छज्जे, दीवारें, स्लैब और अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।
नगर निगम की टीम ने बुधवार को भी अभियान जारी रखते हुए तीन स्थानों पर बचे हुए अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान प्रशासन और प्रवर्तन दल के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी प्रकार के विरोध या अव्यवस्था को रोका जा सके।
अब कुदेशिया रोड पर अगली कार्रवाई तय
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब अगला निशाना कोहाड़ापीर से कुदेशिया रोड तक का क्षेत्र होगा। सर्वे के दौरान इस मार्ग पर 40 से अधिक अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें अगले सप्ताह हटाने की तैयारी है। प्रशासन ने कब्जेदारों को चेतावनी दी है कि वे समय रहते स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
सीएम ग्रिड परियोजना बना कार्रवाई का आधार
इस पूरे अभियान के पीछे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “CM Grid Project” है, जिसके तहत कोहाड़ापीर से प्रेमनगर रोड (सूद धर्मकांटा तक) और कुदेशिया रोड के चौड़ीकरण की योजना को मंजूरी दी गई है। परियोजना के दूसरे चरण में करीब 47.14 करोड़ रुपये की लागत से 2.4 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड का निर्माण प्रस्तावित है।
हालांकि, सड़क चौड़ीकरण के कार्य में अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आया। इसी को देखते हुए नगर निगम ने पहले सर्वे कराया, जिसमें दोनों मार्गों पर 100 से अधिक अवैध कब्जों की पहचान की गई।
विरोध के बाद प्रशासन सख्त
शुरुआत में व्यापारियों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने बैठक कर लोगों से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील की थी। अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय और सिटी मजिस्ट्रेट की अगुआई में यह प्रयास किया गया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर प्रशासन को सख्ती दिखानी पड़ी।
मंगलवार को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कोहाड़ापीर से लल्ला मार्केट तक तीन से पांच मीटर तक किए गए कब्जों को ध्वस्त कर दिया।
खौफ का असर—लोग खुद कर रहे कार्रवाई
बुलडोजर एक्शन के बाद अब शहर में इसका मनोवैज्ञानिक असर भी दिख रहा है। लल्ला मार्केट समेत कई इलाकों में लोग खुद ही अवैध निर्माण तोड़ते नजर आ रहे हैं, ताकि प्रशासनिक कार्रवाई से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।






