बरेली में SIR पर मंत्री धर्मपाल सिंह का हमला: “फर्जी वोट खत्म, अब केवल पात्र मतदाता”

बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने शनिवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने एक ओर जहां निराश्रित गौवंश के संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला भी बोला।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। गौशालाओं में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए “भूसा बैंक” स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे पशुओं को पर्याप्त आहार मिल सके। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह के साथ भी चर्चा की गई है और व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही निराश्रित मवेशियों के संरक्षण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर चुके हैं। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी गौवंश भूखा न रहे और सड़कों पर बेसहारा न घूमे।
वहीं, SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया पर बोलते हुए मंत्री ने इसे मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनाव प्रणाली अधिक निष्पक्ष बन सके।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा, “जो लोग आज इसका विरोध कर रहे हैं, वही पहले मृतकों के नाम पर वोट डालते थे। फर्जी मतदान करते थे, इसलिए अब उन्हें दिक्कत हो रही है। अब न फर्जी वोट पड़ेगा, न मृतकों का—केवल पात्र मतदाता ही अपने मताधिकार का उपयोग कर पाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को अब यह महसूस हो रहा है कि उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है, इसलिए वे इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार गौवंश संरक्षण और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था—दोनों ही मोर्चों पर पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे।






