चुनाव से पहले ही ठंडी पड़ी प्रधानी की लड़ाई, दावेदार मायूस

चुनाव से पहले ही ठंडी पड़ी प्रधानी की लड़ाई, दावेदार मायूस
📍 बरेली।
जिले की पंचायत राजनीति में इस बार अजीब स्थिति बन गई है। चुनाव की तैयारियों में जुटे दावेदारों ने जहां गांव-गांव जाकर खुलकर पैसा खर्च किया, वहीं अब चुनाव की तारीखों में देरी ने उनकी उम्मीदों पर ब्रेक लगा दिया है। हालात ऐसे हैं कि जो प्रत्याशी कल तक चौपालों पर सक्रिय थे, अब चुनाव टलने की आशंका से मायूस नजर आ रहे हैं।
चुनावी तैयारी में बहाया पैसा, अब बढ़ी चिंता
सूत्रों के मुताबिक कई दावेदारों ने चुनाव की तैयारी में लाखों रुपये खर्च किए।
गांवों में बैठकें, दावतें और प्रचार
समर्थकों को जोड़ने में खुला खर्च
कुछ प्रत्याशी कर्ज लेकर मैदान में उतरे
अब तारीख घोषित न होने से यह खर्च “जोखिम” बन गया है।
कार्यकाल खत्म, लेकिन अधिसूचना नहीं
जिले की 1188 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल मई में समाप्त
ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल जुलाई में पूरा होगा
लेकिन अभी तक चुनाव की कोई अधिसूचना जारी नहीं
यही देरी अब चुनाव टलने के संकेत दे रही है।
प्रशासक नियुक्ति की चर्चा तेज
अगर समय पर चुनाव नहीं हुए तो पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं।
इससे विकास कार्य तो जारी रहेंगे, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर पड़ेगा।
प्रधान संघ की मांग
प्रधान संघ की ओर से मांग उठाई गई है कि
👉 वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाया जाए
👉 अन्य राज्यों की तर्ज पर व्यवस्था लागू हो
अधिकारियों का पक्ष
जिला पंचायत राज विभाग के अनुसार—
चुनाव की तारीख का निर्णय शासन और चुनाव आयोग स्तर से होगा
विभाग को अभी तक कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है
कार्यकाल समाप्ति पर नियमानुसार प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे





