जनसुनवाई में डीएम की संवेदनशीलता, किडनी पीड़ित मासूम को दिलाया तत्काल इलाज

जनसुनवाई में डीएम की संवेदनशीलता, किडनी पीड़ित मासूम को दिलाया तत्काल इलाज
आयुष्मान कार्ड न होने पर खुद आगे आए जिलाधिकारी, अचेत व्यक्ति को भी अस्पताल पहुंचाया
रिपोर्ट : देवेंद्र पटेल | LIVE BHARAT TV
बरेली। भीषण गर्मी के बीच शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन (जनसुनवाई) के दौरान जिलाधिकारी अविनाश सिंह की संवेदनशील और मानवीय पहल देखने को मिली। जनसुनवाई में फरियाद लेकर पहुंचे दो जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए डीएम ने तत्काल कार्रवाई कर प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय दिया।
जनसुनवाई के दौरान एक महिला अपने गंभीर रूप से बीमार बच्चे को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। महिला ने बताया कि उसके बच्चे की दोनों किडनी खराब हैं और चौकी चौराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कलेक्ट्रेट आई थी ताकि बच्चे का बेहतर इलाज कराया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बिना देर किए तत्काल मदद के निर्देश दिए। “नो व्हीकल डे” होने के बावजूद उन्होंने बाहर से टैम्पो मंगवाकर महिला और बच्चे को जिला अस्पताल भिजवाया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। डीएम ने परिवार को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा भी दिलाया।
इसी दौरान जिलाधिकारी कार्यालय में मिलने आए एक अन्य व्यक्ति की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ा। स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं पानी डलवाकर उसे होश में लाने का प्रयास किया। इसके बाद तत्काल वाहन की व्यवस्था कर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। खास बात यह रही कि जिलाधिकारी स्वयं भी उस व्यक्ति के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और वहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि संबंधित व्यक्ति गर्मी और कमजोरी के कारण अचेत हुआ था और अब उसकी स्थिति सामान्य है। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि दोनों मरीजों का प्राथमिकता के आधार पर बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
डीएम की इस मानवीय पहल की कलेक्ट्रेट परिसर और आमजन में खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ मानवीय संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण कम ही देखने को मिलता है।






