बरेली को मिलेगा बड़ा जल तोहफा: 265 करोड़ की परियोजना से 57 वार्डों में बिछेगी 302 किमी पाइपलाइन

बरेली को मिलेगा बड़ा जल तोहफा: 265 करोड़ की परियोजना से 57 वार्डों में बिछेगी 302 किमी पाइपलाइन
अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी, गुजरात की कंपनी एल-1 घोषित
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | बरेली
बरेली शहर में वर्षों से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या अब जल्द खत्म होती नजर आ रही है। नगर निगम क्षेत्र में शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत 265 करोड़ रुपये की विशाल पेयजल परियोजना पर तेजी से काम शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना के तहत शहर के 57 वार्डों में करीब 302 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
परियोजना के लिए हुई निविदा प्रक्रिया में चार बड़ी कंपनियों ने दावेदारी पेश की थी, जिसमें गुजरात की पी दास इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., अहमदाबाद एल-1 यानी सबसे कम दर वाली कंपनी पाई गई है। अब राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की बैठक में अंतिम मुहर लगने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
80 वार्डों में पानी की समस्या, 57 वार्डों को मिलेगा सीधा लाभ
नगर निगम क्षेत्र के कुल 80 वार्डों में से 34 वार्ड पूरी तरह और 23 वार्ड आंशिक रूप से पेयजल व्यवस्था से असंतृप्त हैं। इन इलाकों में लोगों को आज भी शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसी को देखते हुए शासन ने इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है।
परियोजना के लिए शासन की ओर से पहली किस्त के रूप में 51.14 करोड़ रुपये भी जारी किए जा चुके हैं।
19 नए नलकूप और 19 ऊंचे जलाशय बनेंगे
योजना के तहत शहर में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए—
19 नए नलकूप लगाए जाएंगे
19 उच्च जलाशयों (ओवरहेड टैंक) का निर्माण होगा
76,465 नए घरेलू जल कनेक्शन दिए जाएंगे
जलाशयों की क्षमता 500 किलोलीटर से लेकर 2600 किलोलीटर तक रखी जाएगी, जिससे शहर के बड़े हिस्से में पर्याप्त जल भंडारण संभव हो सकेगा।
पेयजल कवरेज 51% से बढ़कर 92% तक पहुंचेगा
जल निगम शहरी के अधीक्षण अभियंता केके कटियार के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद नगर निगम क्षेत्र में पेयजल कवरेज मौजूदा 51.15 प्रतिशत से बढ़कर करीब 92 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
इन वार्डों में बिछेगी नई पाइपलाइन
परियोजना के तहत वार्ड संख्या 01, 02, 06, 07, 11, 14, 15, 20, 24, 26, 28, 31, 33, 34, 36, 38, 41, 45, 47, 52, 53, 55, 58, 59, 60, 62, 64, 70, 71, 72, 74, 76 और 80 समेत कई असंतृप्त वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
कानपुर परियोजना का भी लिया जाएगा फीडबैक
शुक्रवार को जल निगम शहरी के एमडी रविंद्र कुमार प्रथम ने अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि गुजरात की पी दास कंपनी को कानपुर में भी इसी तरह की परियोजना मिली हुई है। वहां की प्रगति और गुणवत्ता रिपोर्ट देखने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
नगर निगम और जल निगम अधिकारियों का दावा है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद बरेली शहर में पेयजल संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा और लोगों को घर-घर शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।






