बरेली में बदमाशों से मुठभेड़, गोलियों की आवाज से रोने लगा अपहृत मासूम

बरेली में बदमाशों से मुठभेड़, गोलियों की आवाज से रोने लगा अपहृत मासूम
पुलिस ने एनकाउंटर में सकुशल बचाया ऋषभ, 60 हजार में बेचने की थी साजिश
बरेली। मनौना धाम से अगवा किए गए मासूम ऋषभ को बरेली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सकुशल बरामद कर लिया। बदमाशों और पुलिस के बीच चली गोलियों की आवाज सुनकर मासूम जोर-जोर से रोने लगा। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बच्चे पर पड़ी और उसे तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद एसपी साउथ अंशिका वर्मा भी मासूम को गोद में लेकर संभालती नजर आईं।
पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों योगेश कन्नौजिया और पवन सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी बच्चे को बेचने की फिराक में थे। शुरुआती जांच में करीब 60 हजार रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले के तार पूर्वांचल और दिल्ली तक जुड़े हो सकते हैं। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे बच्चा तस्करी गिरोह सक्रिय है। मामले का मुख्य सरगना लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
गौरतलब है कि आंवला क्षेत्र स्थित मनौना धाम में सफाई कर्मचारी रमन का डेढ़ वर्षीय बेटा ऋषभ रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध बच्चे को ले जाते दिखाई दिए थे, जिसके बाद पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटी थीं।
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर गठित टीमों ने देर रात घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, तभी बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया और मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में राहत की भावना है, वहीं बच्चे के सकुशल मिलने पर परिवार ने पुलिस का आभार जताया है।
रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल | LIVE BHARAT TV






