कोहाड़ापीर रोड पर चला बुलडोजर, बीडीए की कार्रवाई से मचा हड़कंप

कोहाड़ापीर रोड पर चला बुलडोजर, बीडीए की कार्रवाई से मचा हड़कंप
सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई, भारी पुलिस बल रहा तैनात
बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। शहर की व्यस्त और प्रमुख सड़कों में शामिल कोहाड़ापीर रोड पर गुरुवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अवैध अतिक्रमण और निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। पेट्रोल पंप के पास भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि नगर निगम कोहाड़ापीर से कुदेशिया मार्ग और धर्मकांटा तक सड़क चौड़ीकरण की योजना पर कार्य कर रहा है। लंबे समय से सड़क किनारे हुए अवैध कब्जे और निर्माण इस परियोजना में बड़ी बाधा बने हुए थे। इसी को लेकर बीडीए और नगर निगम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की रणनीति तैयार की थी।
नगर निगम पहले ही इस मार्ग पर करीब 600 अतिक्रमणों को चिह्नित कर लाल निशान लगा चुका था। गुरुवार को बीडीए की प्रवर्तन टीम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। बुलडोजर चलते ही बाजार क्षेत्र में खलबली मच गई। कई दुकानदार और भवन स्वामी आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठानों की ओर दौड़ पड़े।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताने की कोशिश भी की। बताया गया कि जिस भूमि पर निर्माण किया गया था, उसे वक्फ संपत्ति बताया जा रहा था। हालांकि प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण और सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। विरोध के बावजूद टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात रहे। अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत अन्य अवैध अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम और बीडीए प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाले अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।
बुलडोजर कार्रवाई की खबर फैलते ही बाजार क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। नगर निगम अधिकारियों के मोबाइल फोन लगातार बजते रहे और कई जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों ने भी मामले में संपर्क साधने की कोशिश की।






