चाइनीज मांझे का कहर: मंत्री संजय गंगवार के भतीजे की गर्दन कटी, साढ़े तीन घंटे चला ऑपरेशन

चाइनीज मांझे का कहर: मंत्री संजय गंगवार के भतीजे की गर्दन कटी, साढ़े तीन घंटे चला ऑपरेशन
बरेली। प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। इस बार इसकी चपेट में प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्यवीर सिंह गंगवार आ गए। श्यामगंज पुल पर हुए इस दर्दनाक हादसे में उनकी गर्दन, गाल और हाथ की उंगली गंभीर रूप से कट गई। खून से लथपथ हालत में राहगीरों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने करीब साढ़े तीन घंटे तक ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई।
श्यामगंज पुल पर हुआ दर्दनाक हादसा
मूल रूप से पीलीभीत निवासी आदित्यवीर सिंह गंगवार के पिता अजय सिंह गंगवार ललौरीखेड़ा ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख हैं, जबकि उनकी मां बरेली में रेलवे अधिकारी हैं। आदित्यवीर कक्षा 9 के छात्र हैं और प्रतिदिन स्टेडियम में खेल अभ्यास के लिए जाते हैं।
सोमवार को भी वह अपने मित्र के साथ स्कूटी से स्टेडियम से लौट रहे थे। इसी दौरान श्यामगंज पुल पर अचानक हवा में लटका प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। मांझे की धार इतनी तेज थी कि उनकी गर्दन गहराई तक कट गई। बचाव के प्रयास में उनके हाथ की छोटी उंगली भी गंभीर रूप से कट गई और स्कूटी अनियंत्रित होकर गिर गई।
खून से लथपथ पहुंचे अस्पताल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद आदित्यवीर सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। राहगीरों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देकर उन्हें ईशान अस्पताल पहुंचाया।
ईशान अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कौशल कुमार ने बताया कि घायल की गर्दन, होंठ, गाल और हाथ में बेहद गंभीर चोटें थीं। गर्दन में कई नसें कट चुकी थीं तथा बाएं हाथ की छोटी उंगली लगभग अलग हो गई थी। डॉक्टरों की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक लगातार ऑपरेशन कर उनकी जान बचाई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दौरा छोड़ बरेली पहुंचे मंत्री संजय गंगवार
घटना की जानकारी मिलते ही गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार ने अपना सरकारी दौरा तत्काल रद्द कर दिया और सीधे बरेली पहुंच गए। अस्पताल में भतीजे की हालत देखने के बाद उन्होंने गहरी चिंता जताई।
मंत्री ने कहा कि यह केवल उनके परिवार का मामला नहीं है, बल्कि शहर का कोई भी नागरिक इस तरह के हादसे का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब शासन स्तर पर चाइनीज मांझे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है तो फिर बाजारों में इसकी खुलेआम बिक्री कैसे हो रही है।
डीएम-एसएसपी से करेंगे बात
संजय गंगवार ने कहा कि वह इस मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत करेंगे और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
फिर चलेगा अभियान
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि पूर्व में भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की गई थी। अब एक बार फिर विशेष अभियान चलाकर ऐसे मांझे की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
बरेली में चाइनीज मांझे की वजह से पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। खासकर श्यामगंज पुल क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। इसके बावजूद प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।





