मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दिवंगत विधायक के बेटे को गेट पर रोका, सुरक्षा प्रोटोकॉल के आगे नहीं चली पहचान

पूर्व विधायक का पुत्र होने का दिया परिचय, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने के बाद नहीं मिली एंट्री; राजनीतिक गलियारों में दिनभर रही चर्चा
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीआईसी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की सख्ती का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे दिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा बटोरी। फरीदपुर के दिवंगत भाजपा विधायक श्याम बिहारी के पुत्र ईशान कार्यक्रम शुरू होने के बाद जब सभास्थल पहुंचे, तो सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने उन्हें मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। काफी देर तक पहचान बताने और अंदर जाने का अनुरोध करने के बावजूद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को जीआईसी ऑडिटोरियम में पंडित राधेश्याम की प्रतिमा के अनावरण तथा ऑडिटोरियम का नाम “पंडित राधेश्याम स्मृति भवन” किए जाने के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के सभागार में प्रवेश करने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश द्वार पूरी तरह सील कर दिए थे।
इसी दौरान ईशान कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को बताया कि उनके पिता श्याम बिहारी फरीदपुर से विधायक रह चुके हैं और वह कार्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं। हालांकि सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कार्यक्रम प्रारंभ होने के बाद किसी भी व्यक्ति को प्रवेश देने का प्रावधान नहीं है। सुरक्षा कर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए किसी भी प्रकार की छूट देने से इनकार कर दिया।
कुछ देर तक गेट पर बातचीत और आग्रह का दौर चलता रहा, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंततः ईशान को बिना कार्यक्रम में शामिल हुए वापस लौटना पड़ा। यह घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और बाद में राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों में भी इसकी खूब चर्चा होती रही।
उधर, कार्यक्रम के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित राधेश्याम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संबोधन में पंडित राधेश्याम के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक योगदान को याद करते हुए जीआईसी ऑडिटोरियम का नाम “पंडित राधेश्याम स्मृति भवन” करने की घोषणा की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने जिले के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हालांकि, दिवंगत विधायक के पुत्र को सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण कार्यक्रम में प्रवेश न मिल पाने की घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।





