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बरेली

ICL ठगी कांड में एक और रिपोर्ट दर्ज, रूपकिशोर गोला समेत 16 नामजद

ICL ठगी कांड में एक और रिपोर्ट दर्ज, रूपकिशोर गोला समेत 16 नामजद

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ICL ठगी कांड में एक और रिपोर्ट दर्ज, रूपकिशोर गोला समेत 16 नामजद

50 निवेशकों से 32 लाख रुपये हड़पने का आरोप, गैंगस्टर के बाद भी बड़ी कार्रवाई नहीं
📍 बरेली
✍️ रिपोर्ट: देवेंद्र पटेल
बरेली में चर्चित ICL कंपनी ठगी कांड में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। कोर्ट के आदेश पर प्रेमनगर पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन रूपकिशोर गोला, उसके भाई अवधेश गोला समेत 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर निवेशकों से लाखों रुपये ठग लिए।
बारादरी क्षेत्र के चक महमूद निवासी अखलाक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2023 में पुष्पेंद्र नामक व्यक्ति के माध्यम से उसकी मुलाकात रूपकिशोर गोला, अनिल साहू, जितेंद्र गुप्ता, दीपक कुमार, अवधेश गोला और दिनेश कुमार से हुई थी। इन लोगों ने खुद को ICL कंपनी से जुड़ा बताते हुए ICL, ICL म्यूचुअल फंड्स बेनिफिट्स कॉरपोरेशन और ICL मल्टी ट्रेडिंग जैसी कंपनियों में निवेश कराने का झांसा दिया।
अखलाक के अनुसार, आरोपियों ने कंपनियों का कैपिटल करोड़ों में होने और मोटा मुनाफा मिलने का दावा किया। झांसे में आकर वह और उसकी पत्नी इमराना कंपनी से जुड़ गए और अपने साथ-साथ अन्य लोगों के भी रुपये निवेश करा दिए। बाद में कंपनी द्वारा रकम वापस न करने पर ठगी का मामला सामने आया।
निवेशकों से मारपीट और धमकी का आरोप
पीड़ित ने बताया कि रकम डूबने के बाद जिन लोगों के रुपये कंपनी में लगाए गए थे, वे उससे वसूली के लिए दबाव बनाने लगे। फरहत अली, परवीन बानो, सैय्यद जुल्फिकार, रईस मियां, अतीक अहमद, अकील शेख और हबीब समेत कई लोगों ने उसे रास्ते में घेरकर मारपीट भी की। वहीं एक महिला निवेशक ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
50 निवेशकों के 32 लाख रुपये हड़पने का आरोप
तहरीर के मुताबिक, गोला बंधुओं और उनके साथियों ने करीब 50 निवेशकों से लगभग 32 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस करने को लेकर कंपनी के लोग कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं।
गैंगस्टर के बाद भी कार्रवाई पर उठे सवाल
बताया गया कि वर्ष 2024 में प्रेमनगर पुलिस ने रूपकिशोर गोला, जितेंद्र गुप्ता और दिनेश कुमार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इसके बावजूद अब तक आरोपियों की संपत्तियों को चिह्नित कर जब्त नहीं किया जा सका है।
वहीं, कई मामलों में नाम आने के बावजूद रूपकिशोर का भाई अवधेश गोला अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोप है कि वह खुलेआम कचहरी में आकर मुकदमों की पैरवी करता रहा, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी।
सियासी पकड़ की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, आरोपी जितेंद्र गुप्ता एक राजनीतिक दल से जुड़कर प्रदेश स्तर का पदाधिकारी बन गया है, जिससे मामले में प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
निवेशकों में आक्रोश
लगातार नए मुकदमे दर्ज होने के बावजूद पीड़ित निवेशकों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है। न तो उनकी रकम वापस हुई है और न ही आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई दिख रही है, जिससे निवेशकों में रोष व्याप्त है।

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