‘जो अपनी विरासत का अपमान करता है, उसका नामोनिशान मिट जाता है’ : बरेली में सीएम योगी का बड़ा संदेश

‘जो अपनी विरासत का अपमान करता है, उसका नामोनिशान मिट जाता है’ : बरेली में सीएम योगी का बड़ा संदेश
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नाथनगरी बरेली दौरे के दौरान भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि “जो अपनी विरासत का अपमान करता है, इतिहास उसे कभी माफ नहीं करता। उसका नामोनिशान समय के साथ मिट जाता है।” उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की आत्मा है और इसके बिना भारत की कल्पना भी संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री जीआईसी ऑडिटोरियम, जिसे अब पंडित राधेश्याम कथावाचक भवन के नाम से जाना जाता है, में आयोजित समारोह में महान साहित्यकार एवं रामकथा मर्मज्ञ पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा का अनावरण कर रहे थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में पंडित राधेश्याम कथावाचक की पौत्री शारदा भार्गव एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री को उनकी प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
शारदा भार्गव हुईं भावुक, मुख्यमंत्री की सराहना
इस अवसर पर शारदा भार्गव भावुक दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक राज्य को योगी आदित्यनाथ जैसे दूरदर्शी और राष्ट्रहित में समर्पित नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन से केवल बरेली ही नहीं, बल्कि पूरा राधेश्याम परिवार गौरवान्वित और आनंदित है। उन्होंने ईश्वर से मुख्यमंत्री के दीर्घ एवं सफल राजनीतिक जीवन की कामना भी की।
सनातन ही भारत की पहचान : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना सदियों से सनातन परंपरा के माध्यम से जीवित रही है। जो समाज अपनी संस्कृति और विरासत का सम्मान करता है, वही निरंतर आगे बढ़ता है, जबकि जो अपनी जड़ों से कट जाता है, उसका अस्तित्व भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि मध्यकाल में महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास ने भगवान श्रीराम की भक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। उसी परंपरा को आधुनिक युग में पंडित राधेश्याम कथावाचक ने आगे बढ़ाया। उन्होंने अत्यंत सरल, सहज और जनभाषा में ‘राधेश्याम रामायण’ की रचना कर रामकथा को जन-जन तक पहुंचाया। आज भी यह ग्रंथ देश के लाखों घरों में श्रद्धा के साथ पढ़ा और गाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तत्कालीन शासकों के दरबारों में सम्मान पाने की होड़ लगी थी, तब गोस्वामी तुलसीदास ने प्रभु श्रीराम की भक्ति का मार्ग चुना। उसी आदर्श का अनुसरण आधुनिक काल में पंडित राधेश्याम कथावाचक ने किया और भारतीय संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की।
पंडित राधेश्याम की स्मृतियों को मिलेगा स्थायी स्वरूप
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरेली में निर्मित स्मार्ट सिटी भवन पंडित राधेश्याम कथावाचक की स्मृतियों के प्रति राज्य सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने मंच से ही क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि पंडित राधेश्याम कथावाचक के आवास पर तत्काल एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार हरसंभव वित्तीय एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां पंडित राधेश्याम कथावाचक के साहित्य, जीवन और योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगल की कामना करते हुए कहा कि “पंडित राधेश्याम कथावाचक और श्री हनुमान जी महाराज की कृपा हम सभी पर सदैव बनी रहे।”






