कैनबीच कंपनी घोटाला: ठगी के विरोध में भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर

कैनबीच कंपनी घोटाला: ठगी के विरोध में भूख हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का आरोप, बरेली में करीब 100 मुकदमे दर्ज; पीड़ितों ने गिरफ्तारी, धन वापसी और निष्पक्ष जांच की मांग तेज की
बरेली। कैनबीच कंपनी से जुड़े कथित निवेश घोटाले के विरोध में पीड़ित निवेशकों की भूख हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के प्रमुख बताए जा रहे कन्हैया गुलाटी और उसके सहयोगियों ने बरेली सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए और बाद में फरार हो गए।
धरना स्थल पर मौजूद पीड़ितों ने कहा कि बरेली जिले में ही इस प्रकरण में करीब 100 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने और मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, जिससे निवेशकों में भारी आक्रोश है।
भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी, निवेशकों की धनराशि वापस दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
पीड़ितों का दावा है कि बरेली के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लोग इस कथित निवेश घोटाले का शिकार हुए हैं। उनका कहना है कि यह एक व्यापक वित्तीय धोखाधड़ी का मामला है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि निवेशकों को न्याय मिल सके।
उधर, पुलिस का कहना है कि दर्ज मुकदमों के आधार पर मामले की जांच जारी है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।






