बारिश में उफनते नाले में डूबे युवक का 20 घंटे बाद मिला शव

बारिश में उफनते नाले में डूबे युवक का 20 घंटे बाद मिला शव
आंवला में पुरैना धाम मंदिर के पास हुआ था हादसा, मंडी गेट के सामने नाले में उतराता मिला हसनैन का शव; खुले नालों ने फिर खड़े किए सवाल
Highlights
– तेज बारिश के दौरान नाले में गिरकर डूबे थे 32 वर्षीय हसनैन
– करीब 20 घंटे तक नगर पालिका, प्रशासन और बचाव टीमें करती रहीं तलाश
– मंडी गेट के सामने नाले में उतराता मिला शव
– 20 दिन में खुले नाले में डूबने से दूसरी मौत
– मंत्री के निर्देश के बावजूद खुले नालों से खतरा बरकरार
आंवला/बरेली। तेज बारिश के दौरान पुरैना धाम मंदिर के पास नाले में डूबे मोहल्ला बजरिया निवासी हसनैन (32) का शव करीब 20 घंटे बाद मंगलवार दोपहर बरामद हो गया। सोमवार देर शाम हादसे के बाद से नगर पालिका, प्रशासन और बचाव टीमें लगातार उनकी तलाश कर रही थीं। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घटनास्थल से कुछ आगे मंडी गेट के सामने नाले में शव उतराता दिखाई दिया। नगर पालिका कर्मचारियों ने शव को बाहर निकाला।
परिजनों के मुताबिक हसनैन सोमवार शाम दुकान से सामान खरीदने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। इसी बीच तेज बारिश हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शी अनमोल गुप्ता और गोपाल के मुताबिक उन्होंने आंवला-भमोरा मार्ग पर पुरैना धाम मंदिर के पास हसनैन को नाले में गिरते देखा। दोनों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
आसपुर गांव तक नाले में चली तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही नगर पालिका और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। पालिका कर्मचारियों और पीएसी के जवानों ने आसपुर गांव तक नाले में हसनैन की तलाश की। सीओ हेमंत उपाध्याय ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। रात से मंगलवार दोपहर तक तलाश जारी रही।
मंगलवार करीब तीन बजे मंडी गेट के सामने नाले में हसनैन का शव दिखाई दिया। सूचना पर पहुंचे नगर पालिका कर्मचारियों ने शव बाहर निकाला। हसनैन अविवाहित थे और कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करते थे।
20 दिन में दूसरी मौत, खुले नालों पर फिर सवाल
हसनैन की मौत ने कस्बे में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 20 दिन के भीतर नाले में डूबने से यह दूसरी मौत बताई जा रही है।
इससे पहले सात वर्षीय दिव्यांग प्रीत की नाले में डूबने से मौत हो गई थी। करीब 47-48 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद 30 जुलाई को उसका शव बरामद हुआ था। उस घटना के बाद मंत्री धर्मपाल सिंह ने नगर पालिका प्रशासन को फटकार लगाते हुए खुले नालों को जाल लगाकर ढकने के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद कई स्थानों पर नाले खुले होने से बारिश के दौरान खतरा बना हुआ है। पुरैना धाम मंदिर के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि नाले गंदगी से पटे हुए हैं। मामूली बारिश में भी पानी उफनने लगता है और गंदा पानी मंडी परिसर तक पहुंच जाता है।
नालों को ढकने के लिए निकाली गईं निविदाएं
नगर पालिका अध्यक्ष आबिद अली के मुताबिक महादेवपुरम समेत अन्य इलाकों में नालों को ढकने का काम कराया जाएगा। अन्य स्थानों के लिए निविदाएं निकाली जा चुकी हैं और इस दिशा में काम चल रहा है।
एसडीएम बोले—लगातार चलाया गया तलाश अभियान
एसडीएम सुशील मिश्रा ने बताया कि नगर पालिका, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें लगातार युवक की तलाश कर रही थीं। मंगलवार को घटनास्थल से कुछ दूरी पर शव बरामद हुआ। हसनैन नगर पालिका अध्यक्ष के मोहल्ले के ही निवासी थे।






