फार्मासिस्टों की चार बड़ी मांगों पर केंद्र सरकार से निर्णायक वार्ता, अनुप्रिया पटेल को सौंपा ज्ञापन।

शेड्यूल-K खत्म करने, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में फार्मासिस्ट पद सृजन और NHM फार्मासिस्टों के नियमितीकरण की मांग; CHO पद के लिए B.Pharma-D.Pharma को पात्र बनाने का मुद्दा भी उठा
लखनऊ। फार्मासिस्ट संवर्ग से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के लंबित मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन (ABPA) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार, 30 अगस्त को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात की। संगठन के अनुसार, फार्मासिस्टों की मांगों को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री से यह तीसरी विस्तृत वार्ता थी। प्रतिनिधिमंडल ने चार प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से जल्द सकारात्मक और ठोस निर्णय लेने की मांग की।
बैठक में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमों के शेड्यूल-K को समाप्त करने, प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर/स्वास्थ्य उपकेंद्र पर फार्मासिस्ट का पद सृजित करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत फार्मासिस्टों के नियमितीकरण और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) पद की शैक्षणिक पात्रता में B.Pharma और D.Pharma धारकों को शामिल करने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
शेड्यूल-K को समाप्त करने की मांग
ABPA ने शेड्यूल-K को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना फार्मासिस्ट के दवाओं के वितरण की व्यवस्था दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत इस्तेमाल को प्रभावित कर सकती है। संगठन का कहना है कि मरीजों तक दवा पहुंचाने और उसके उचित उपयोग को सुनिश्चित करने में प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए दवा वितरण व्यवस्था में फार्मासिस्ट की भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में फार्मासिस्ट पद की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार के सामने प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं स्वास्थ्य उपकेंद्र पर फार्मासिस्ट का पद सृजित करने का मुद्दा भी रखा। संगठन का तर्क है कि प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की उपलब्धता से मरीजों को दवाओं के वितरण और उनके सही उपयोग से संबंधित बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
NHM फार्मासिस्टों के नियमितीकरण का मुद्दा
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लंबे समय से सेवाएं दे रहे फार्मासिस्टों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ABPA ने मांग की कि NHM में तीन वर्ष से अधिक समय से लगातार कार्यरत फार्मासिस्टों के नियमितीकरण के लिए केंद्र सरकार ठोस नीति और आवश्यक पहल करे।
CHO पद पर B.Pharma-D.Pharma को मिले पात्रता
एसोसिएशन ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) पद की पात्रता में B.Pharma और D.Pharma योग्यताधारकों को शामिल करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि फार्मासिस्टों की दवा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विशेषज्ञता का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है।
ABPA पदाधिकारियों के मुताबिक, वार्ता के दौरान केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित मांगों को आगे बढ़ाने और आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई। संगठन ने उम्मीद जताई कि फार्मासिस्ट संवर्ग से जुड़े इन मुद्दों पर केंद्र सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
बैठक में ABPA के राष्ट्रीय अध्यक्ष शशि भूषण सिंह, राष्ट्रीय सचिव डॉ. राजा राम गंगवार, प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार और प्रदेश महासचिव विष्णु यादव मौजूद रहे।





