किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने तहसील सदर में सौंपा ज्ञापन।

किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने तहसील सदर में सौंपा ज्ञापन
फसल बीमा, आवारा पशु, एमएसपी, गन्ना भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता और जलभराव समेत 14 मांगें उठाईं
बरेली। किसानों और आम जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को तहसील सदर पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं के साथ-साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की जनसमस्याओं के तत्काल निस्तारण की मांग की गई।
भाकियू (टिकैत) की ओर से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि प्राकृतिक आपदाओं, आंधी, अत्यधिक बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें और बाग 80 से 100 प्रतिशत तक प्रभावित हो जाते हैं, लेकिन फसल बीमा का लाभ कई बार पर्याप्त रूप से नहीं मिल पाता। यूनियन ने मांग की कि प्रत्येक फसल, बाग, पेड़, फल और सब्जियों का मौके पर जाकर बीमा कराया जाए तथा नुकसान होने पर किसानों को वास्तविक क्षति के अनुरूप पूरा मुआवजा दिया जाए। खेतों में मिट्टी के कटान को भी बीमा के दायरे में शामिल करने की मांग की गई।
आवारा पशुओं से फसलों को बचाने की मांग
किसानों ने आवारा पशुओं, बंदरों और अन्य जंगली जानवरों से फसलों, बागों और पेड़-पौधों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। यूनियन ने शासन और जिला प्रशासन से सरकारी खर्चे पर कृषि क्षेत्रों को आवारा पशुओं से मुक्त कराने की मांग की।
ज्ञापन में बनरोज और जंगली सुअरों से फसलों को हो रहे नुकसान का भी उल्लेख किया गया। किसानों ने मांग की कि शूटिंग परमिट जारी करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो किसान के आवेदन पर समयबद्ध तरीके से अनुमति जारी कर सके।
अधिकारियों के समय पर कार्यालय में बैठने की मांग
भाकियू ने आरोप लगाया कि जिले के कुछ बड़े अधिकारी निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपलब्ध नहीं रहते, जिसके कारण किसान और आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर होते हैं। यूनियन ने अधिकारियों की कार्यालय में समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने और उच्च अधिकारियों को दिए गए ज्ञापनों व प्रार्थना पत्रों का प्रभावी निस्तारण कराने की मांग की।
सड़कों से अतिक्रमण हटाने की मांग
ज्ञापन में बरेली महानगर के प्रमुख मार्गों के फुटपाथों पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन ने कहा कि फुटपाथों पर टेंपो, खोखे, आइसक्रीम वाहन, रेत-बजरी, ईंट और कबाड़ आदि रखे जाने से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।
विशेष रूप से शाहजहांपुर रोड पर नकटिया पुल से बड़े बाईपास तक अतिक्रमण हटाने और दोबारा अतिक्रमण न होने देने की मांग की गई।
खाद-दवा की उपलब्धता और नकली उत्पादों पर कार्रवाई
किसानों ने सरकारी गोदामों और अधिकृत दुकानों पर खाद एवं कृषि दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही समय-समय पर छापेमारी कर नकली खाद और कृषि दवाओं की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई।
पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने पर भी कार्रवाई की मांग की गई। यूनियन ने सुझाव दिया कि पशुपालकों के पशुओं की सूची तैयार कर उनके कानों में पहचान संबंधी टैग लगाए जाएं तथा छुट्टा पशु पाए जाने पर पशुपालक से 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाए।
आम समेत फसलों और फलों के लिए एमएसपी की मांग
भाकियू ने किसानों की फसलों, फलों और सब्जियों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की। ज्ञापन में आम का न्यूनतम मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम घोषित करने की मांग भी शामिल रही।
इसके अलावा गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को शीघ्र कराने तथा भुगतान में देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
यूकेलिप्टिस और पॉपलर का मूल्य तय करने की मांग
किसानों ने खेतों और मेड़ों पर लगाए जाने वाले यूकेलिप्टिस एवं पॉपलर के पेड़ों के उचित मूल्य की मांग उठाई। ज्ञापन में इनके मूल्य को 1,500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की गई।
जलभराव और सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया
यूनियन ने महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा गया कि नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं होने से जलभराव, गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है।
शाहजहांपुर रोड स्थित नकटिया में ख्वाजा मार्केट के सामने जलभराव और नाली चोक होने की समस्या का उल्लेख करते हुए जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने तथा आवश्यक मिट्टी भराव कराकर स्थल को समतल कराने की मांग की गई।
महंगी दवाओं और इंजेक्शन की बिक्री पर निगरानी की मांग
ज्ञापन में दवाओं और इंजेक्शन की कीमतों में कथित भारी अंतर का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन ने मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की कीमतों की पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। इसके लिए दवाओं के नाम और निर्धारित कीमतों की सूची मेडिकल स्टोर पर प्रदर्शित करने तथा ऑनलाइन ऐप/सोशल मीडिया के माध्यम से भी दवाओं की कीमतों की जानकारी उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, ताकि मरीज और उनके परिजन निर्धारित दरों से कीमतों का मिलान कर सकें।
बरेली में एम्स अस्पताल की मांग
भाकियू ने बरेली में एम्स स्तर के अस्पताल की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई। यूनियन का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, इसलिए बरेली में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है।
भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों और आम जनता से जुड़ी इन समस्याओं का विभागवार संज्ञान लेकर समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराया जाए। ज्ञापन में प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और किसानों को राहत दिलाने की अपील की गई।






