बरेली: भाजपा को झटका! पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी छोड़ने का किया एलान

समर्थकों के साथ बैठक में आगे की रणनीति पर मंथन, बोले- जल्दबाजी में नहीं लेंगे फैसला; देवचरा में बड़ी रैली के संकेत
बरेली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बरेली की सियासत में हलचल तेज हो गई है। आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा से अलग होने का एलान कर दिया है। हालांकि, उन्होंने अभी तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है। कश्यप का कहना है कि समर्थकों और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा।
बुधवार को धर्मेंद्र कश्यप ने अपने समर्थकों और क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों के साथ बैठक कर आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की। बैठक में बिथरी चैनपुर और आंवला क्षेत्र के कई ग्राम प्रधानों समेत विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। बैठक के दौरान कश्यप ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी फैसले में जल्दबाजी नहीं करना चाहते और समर्थकों की राय को प्राथमिकता देंगे।
फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ राजनीतिक घटनाक्रम
कुछ दिन पहले धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखकर भाजपा से दूरी के संकेत दिए थे। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। अब समर्थकों के साथ बैठक में उन्होंने भाजपा छोड़ने की बात स्पष्ट रूप से कही है। हालांकि, उन्होंने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि आगे वह किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगे।
2024 में विरोध करने वालों पर लगाए आरोप
बैठक में भाजपा संगठन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कश्यप ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ काम करने वाले लोगों को बाद में पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण स्थान मिला, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई।
कश्यप ने कहा कि पार्टी में ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिन्हें कार्यकर्ताओं के बीच अपेक्षित समर्थन नहीं है। उन्होंने भाजपा संगठन में ‘चापलूस कार्यकर्ताओं की बाढ़’ आने का आरोप भी लगाया। ये उनके व्यक्तिगत आरोप हैं, जिन पर संबंधित भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
चांदपुर नवदिया से खजुआरी तक प्रधानों की मौजूदगी
बैठक में कश्यप ने मौजूद ग्राम प्रधानों और समर्थकों का परिचय कराया। उन्होंने चांदपुर नवदिया, चकरपुर, चंदौआ, मिलक, कटका भरत और खजुआरी समेत कई गांवों के प्रधानों का उल्लेख किया। कश्यप ने कहा कि उनके साथ विभिन्न वर्गों के लोग जुड़े हैं और आगे की राजनीतिक दिशा सामूहिक चर्चा के बाद तय की जाएगी।
देवचरा में बड़ी रैली की तैयारी के संकेत
धर्मेंद्र कश्यप ने समर्थकों के साथ देवचरा में बड़ी रैली आयोजित करने की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नेता की असली ताकत उसके कार्यकर्ता और समर्थक होते हैं। इसलिए कोई भी बड़ा राजनीतिक फैसला समर्थकों की राय के बिना नहीं लिया जाएगा।
2027 के चुनाव को लेकर भी चर्चा
बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ आंवला और बिथरी चैनपुर क्षेत्र की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न सामाजिक वर्गों, खासकर लोधी समाज समेत अन्य वर्गों की भागीदारी को लेकर भी मंथन किया गया।
कश्यप ने कहा कि भाजपा में शामिल होने से पहले भी उन्होंने समर्थकों से राय ली थी और बड़ी रैली आयोजित की थी। अब पार्टी से अलग होने के बाद आगे की राजनीतिक राह भी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद ही तय होगी।
अभी तय नहीं अगला राजनीतिक ठिकाना
फिलहाल धर्मेंद्र कश्यप ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि भाजपा छोड़ने के बाद वह किस राजनीतिक दल का रुख करेंगे। उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। वहीं, देवचरा में प्रस्तावित रैली और समर्थकों के साथ होने वाली आगामी बैठकों को उनके राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






