बरेली कोर्ट से बंदी फरार: तीन दिन तक छिपा रहा मामला, आठ पुलिसकर्मी निलंबित तीन दिन तक दबा रहा बंदी के फरार होने का मामला, आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड।

बरेली कोर्ट में पेशी के दौरान बंदी फरार, आठ पुलिसकर्मी निलंबित
तीन दिन तक सामने नहीं आया मामला, रजिस्टर और डायरियों में दर्ज होती रही बंदी की हवालात वापसी; एफआईआर में फरार आरोपी भी नामजद
बरेली। बरेली में कोर्ट में पेशी के दौरान वाहन चोरी का आरोपित सचिन ठाकुर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद करीब तीन दिन तक मामला सामने नहीं आया। पुलिस के रजिस्टर और डायरियों में बंदी की हवालात वापसी दर्ज होती रही, जबकि वह पुलिस की अभिरक्षा में मौजूद ही नहीं था। जेल में बंदियों की गिनती के दौरान संख्या कम मिलने पर मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार को आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। मामले में जेल चौकी प्रभारी सरोज कुमार की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसमें फरार बंदी सचिन ठाकुर को भी नामजद किया गया है।
छह बंदियों को पेशी के लिए लाया गया था कोर्ट वंशीनगला निवासी सचिन ठाकुर को वाहन चोरी के आरोप में जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। 21 अक्टूबर को सचिन समेत छह बंदियों को पेशी के लिए बरेली कोर्ट परिसर स्थित हवालात में लाया गया था। दोपहर करीब 12:45 बजे दरोगा विजेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी राजेंद्र सिंह और मुख्य आरक्षी कुलवंत सिंह बंदियों को एडीजे-9 की अदालत में पेश कराने के लिए ले गए थे।
पांच की जगह चार बंदियों को लेकर लौटे पुलिसकर्मी
अदालत में पेशी के दौरान ही सचिन ठाकुर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। आरोप है कि उसकी फरारी की जानकारी तत्काल पुलिसकर्मियों को नहीं हो सकी। कुछ देर बाद मुख्य आरक्षी कुलवंत सिंह एक बंदी को लेकर हवालात लौटे। इसके बाद दरोगा विजेंद्र सिंह और मुख्य आरक्षी पांच की जगह चार बंदियों को लेकर हवालात पहुंचे। लौटे बंदियों में सचिन ठाकुर शामिल नहीं था।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आई लापरवाही
मामले की जांच के दौरान कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में बंदियों की आवाजाही से संबंधित घटनाक्रम की पुष्टि हुई। इसके बावजूद रजिस्टर और डायरियों में बंदी की हवालात वापसी दर्ज किए जाने का मामला सामने आया। इससे पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
जेल में गिनती के दौरान खुला मामला
बताया गया कि जेल में बंदियों की गिनती के दौरान संख्या कम मिलने पर अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सचिन ठाकुर के फरार होने की जानकारी सामने आई। प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार को आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जेल चौकी प्रभारी सरोज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में फरार बंदी सचिन ठाकुर को भी नामजद किया गया है।
पुलिस अब फरार बंदी की तलाश में जुटी है। मामले में अभिरक्षा, बंदियों की आवाजाही और अभिलेखों में दर्ज विवरण की भूमिका की जांच की जा रही है।






