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बरेली जोगी नवादा में मास्क न पहनने पर पुलिस ने हाथ पैरों में गाड़ दी कीलें,मामले में जांच के आदेश

न्यूज़ नेटवर्क

बरेली – कोरोना संकट काल में आपने पुलिस का मानवीय चेहरा देखा होगा लेकिन बरेली में एक मां ने जो आरोप लगाए हैं उससे बरेली पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है.लेकिन पुलिस का कहना है ये आरोपे गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाए गए हैं. बारादरी के मोहल्ला जोगीनवादा निवासी शीला ने पुलिस पर बेटे रंजीत के हाथ पैर में कीलें ठोकने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. शीला का आरोप है कि उसका बे टा रंजीत 24 मई की रात को सड़क किनारे बैठा था. इसी दौरान बारादरी थाने के तीन सिपाही पहुंच गए और उसे मास्क नहीं लगाने के आरोप में पकड़ लिया. पुलिस और उसके बेटे में कहासुनी हो गई और पुलिस उसके बेटे को पकड़कर चौकी जोगी नवादा ले गई. जब उसे मामले की जानकारी हुई तो वह चौकी जोगी नवादा पहुंची.वहां बेटे की सच्चाई पुलिस ने नहीं बताई और कहा किसी काम से भेजा है. पुलिस पर आरोप है मास्क न होने पर पकड़कर पुलिस ने हाथ पैरों में कीले गाड़ दी और अधमरा अवस्था में युवक को छोड़ दिया.जब खोजबीन की तो तलाशने के बाद मां को बेटा गंभीर अवस्था में मिला, और उसके हाथ पैरों में कील गड़े हुए थे,जब इसकी जानकारी दोबारा चौकी पुलिस को दी गई तो वह उल्टा पीड़ित को ही जेल भेजने की बात कहने लगे,जिसको लेकर पीड़ित की मां अपने वेटे के साथ आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची और न्याय की गुहार लगाई.

पुलिस का कहना है यह पुराना पुलीस का मुजरिम है कई गंभीर धाराओं में अलग अलग थानो में मामला दर्ज है, और यूवक सबसे बचने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा,और जांच करने पर यूवक के आरोप सरासर गलत है,मास्क न लगाने को लेकर यूवक के हाथ-पैर में कीलें गाड़ी जाने की जिसके बाद एसएसपी रोहित सजवाण ने मामले पर संज्ञान लेते हुए लिखित सफाई दी और कहां मामले पर जांच चल रही है अगर सही पाया गया तो कर्यवाही होगी.
ब्यूरो रिपोर्ट बरेली

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