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36.82 लाख का चूना, अफसरों की मेहरबानी से 16 ईंट भट्ठे सालभर चले

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बरेली। जिला खान कार्यालय में ईंट भट्ठों को लेकर बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। प्रधान लेखाकार जनरल (ऑडिट सेकेंड) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जनपद के 16 ईंट भट्ठों ने वर्ष 2024-25 में विनियमन, आवेदन और पलोथन शुल्क का एक रुपया भी जमा नहीं किया, इसके बावजूद अफसरों की मेहरबानी से इनका संचालन पूरे साल चलता रहा।

ऑडिट के अनुसार इन भट्ठों पर 36.82 लाख रुपये से अधिक का बकाया था, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि हुई। हैरानी की बात यह है कि अग्रिम शुल्क जमा न होने के बावजूद भी किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई।

किस भट्ठे पर कितना बकाया

ऑडिट जांच में सामने आया कि आंवला, बहेड़ी और फरीदपुर तहसील क्षेत्रों के 16 भट्ठा संचालकों ने जानबूझकर शुल्क नहीं चुकाया। इनमें हाजी ब्रिक स्टोर, गोरा-ए-आजम ब्रिक फील्ड, साबरी ब्रिक फील्ड, भाई साहब ब्रिक फील्ड, केजीएन ब्रिक उद्योग, यूपी ब्रिक सेंटर, शानू ब्रिक फील्ड, त्रिमूर्ति ब्रिक इंडस्ट्रीज, न्यू भारत ईंट उद्योग, न्यू शमा ब्रिक फील्ड, एवन ब्रिक फील्ड, सिंह ब्रिक इंडस्ट्रीज, अल फैजान ब्रिक फील्ड, वारसी ब्रिक इंडस्ट्रीज और अलीना ब्रिक फील्ड शामिल हैं।

इन भट्ठों से 34.74 लाख रुपये मूल शुल्क और 2.07 लाख रुपये ब्याज सहित कुल 36.82 लाख रुपये वसूले जाने थे।

30 नवंबर के बाद 18% ब्याज भी जुड़ा

ऑडिट रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 30 नवंबर 2024 के बाद बकाया राशि पर 18 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देय था, लेकिन न तो वसूली हुई और न ही संचालन रोका गया।

बंद भट्ठों की भी नहीं हुई जांच

ऑडिट में यह गंभीर लापरवाही भी सामने आई कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कुल 46 ईंट भट्ठों को बंद दर्शा दिया गया, लेकिन इनमें से अधिकांश का भौतिक सत्यापन तक नहीं कराया गया।

ऑडिट टीम के अनुसार 27 भट्ठों के बंद होने की कोई पुष्टि रिकॉर्ड में नहीं मिली।

चार सप्ताह में मांगा जवाब

सीनियर ऑडिट ऑफिसर राज कुमार राय ने जिला खान अधिकारी को तीन वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट भेजते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।

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