अमर ज्योति चिटफंड पर एक और एफआईआर, पड़ोसियों से भी करोड़ों की ठगी का आरोप
ऊंचे ब्याज का झांसा देकर निवेश, रकम मांगी तो जान से मारने की धमकी

बरेली। अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के खिलाफ ठगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। निवेशकों से करोड़ों रुपये समेटकर फरार हुई इस कंपनी के निदेशक और उनके परिजनों पर एक और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बार कंपनी के निदेशक के पड़ोस में रहने वाली महिला ने कोर्ट के आदेश पर थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कटरा चांद खां निवासी शीला ने आरोप लगाया है कि उनके ही मोहल्ले में रहने वाले नीता, उसका पति पप्पू मौर्य, बेटा अमन मौर्य, बेटी कंचन मौर्य और सूर्यकान्त मौर्य ने अमर ज्योति कारपोरेशन लिमिटेड और रोहिलखंड इंदू लिमिटेड के नाम से चिटफंड कंपनी संचालित की। सूर्यकान्त मौर्य ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताया, जबकि अन्य आरोपियों ने सहमालिक होने का दावा किया।
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने फिक्स डिपॉजिट पर 15 से 20 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज और दो से चार साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। भरोसे में लेकर एक लाख रुपये की एफडी के अलावा अलग-अलग किश्तों में हजारों रुपये की मासिक एफडीआर जमा कराई गई, जिससे कुल मिलाकर लाखों रुपये कंपनी में निवेश कराए गए।
निर्धारित समय पूरा होने के बाद भी जब धनराशि वापस नहीं मिली और पीड़िता ने पैसे की मांग की, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। आरोप है कि दबाव बनाने पर जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। इससे परेशान होकर शीला ने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर थाना बारादरी में पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि अमर ज्योति चिटफंड कंपनी कुछ महीने पहले निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो चुकी है। कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ बरेली और बदायूं समेत कई जिलों में पहले से अनेक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब तक कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
लगातार सामने आ रहे नए मामलों से साफ है कि अमर ज्योति चिटफंड ने सिर्फ बाहरी निवेशकों को ही नहीं, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया।





