एजाज नगर में आग का तांडव, फर्नीचर कारखाना जलकर खाक

बरेली। बारादरी थाना क्षेत्र के एजाज नगर गोटिया में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नूरी मस्जिद के पास स्थित एक फर्नीचर कारखाने में भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और कारखाने से उठती ऊंची-ऊंची लपटें व काले धुएं का घना गुबार दूर-दूर तक नजर आने लगा। आग की भयावहता देख आसपास के लोग सहम गए और अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर जमा हो गए।
सुबह करीब 10 बजे सबसे पहले कारखाने से धुआं उठता दिखाई दिया और पलक झपकते ही आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते कारखाने में रखा तैयार फर्नीचर, कच्ची लकड़ी, प्लाई, मशीनें और अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की गर्मी इतनी जबरदस्त थी कि चिंगारियां आसपास के मकानों तक उड़ती नजर आईं, जिससे बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर, घंटों चला रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घनी आबादी को देखते हुए दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आग को फैलने से रोकने के लिए चारों तरफ से पानी की बौछार शुरू की। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान आसपास के इलाकों को अलर्ट कर दिया गया था, ताकि आग रिहायशी मकानों तक न पहुंचे।
50 से 70 लाख रुपये तक का नुकसान
इस भीषण आग में कारखाना मालिक यामीन पुत्र अब्दुल मजीद, निवासी नवादा सेखान को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। शुरुआती आकलन में आग से करीब 50 से 70 लाख रुपये तक के नुकसान की बात सामने आ रही है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कारखाने में कोई मजदूर मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
पुलिस जांच में जुटी, कारण अभी स्पष्ट नहीं
सूचना मिलते ही थाना बारादरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। आग बुझने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच करेगी। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के चलते लगी हो, हालांकि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
उठे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर घनी आबादी के बीच संचालित कारखानों की फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कारखानों की नियमित जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाओं से बचा जा सके।






