बरेली में साइबर ठगों का नया शिकार: फेसबुक लिंक से शुरू हुआ जाल, 2.66 लाख रुपये की उड़ाई गई कमाई

बरेली। सोशल मीडिया के जरिए शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर ठगों ने एक बार फिर निर्दोष व्यक्ति को अपना शिकार बनाया है। इस बार 2 लाख 66 हजार 615 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इज्जतनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कैसे बिछाया गया ठगी का जाल?
पीड़ित भरत कुमार बिष्ट (निवासी: बी-110, वाटिका सनसिटी विस्तार) ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर एक लिंक देखा। जैसे ही उन्होंने उस पर क्लिक किया, उन्हें “NUBAMA-94 Strategy Discussion Group” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया।
ग्रुप में मौजूद अनन्या वर्मा नाम की महिला ने खुद को ट्रेडिंग असिस्टेंट बताया और संपर्क किया। उसने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि शेयर ट्रेडिंग से रातों-रात मालामाल हो सकते हैं।
फर्जी ऐप से हुआ निवेश का दबाव
अनन्या ने पीड़ित को NWMALPHA नामक एक फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया। ऐप के जरिए उन्होंने Institutional Shares, OPC Shares और IPO में निवेश का झांसा दिया।
मोटे मुनाफे (कई गुना रिटर्न) का लालच दिखाकर लगातार ज्यादा-ज्यादा पैसे निवेश करने के लिए दबाव बनाया गया। शुरुआत में ऐप पर थोड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया, लेकिन असल में यह सब एक सुनियोजित धोखा था।
7 ट्रांजेक्शन में उड़े 2.66 लाख रुपये
अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच पीड़ित ने भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से ऐप और गूगल पे के माध्यम से कुल 7 ट्रांजेक्शन किए। इनकी कुल राशि 2,66,615 रुपये रही। पैसे ट्रांसफर होते ही ठगों ने अपना असली रंग दिखाया। न तो कोई मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस हुई। कुछ दिनों बाद व्हाट्सएप ग्रुप और संपर्क नंबर निष्क्रिय हो गए। तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों से की अपील
पीड़ित ने तुरंत इज्जतनगर थाने पहुंचकर पूरी घटना की लिखित तहरीर दी। पुलिस ने इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर साइबर क्राइम सेल के माध्यम से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की सख्त अपील
अनजान लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप या संदिग्ध ऐप पर कभी क्लिक न करें। शेयर ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर कोई भी पैसे न भेजें, खासकर अगर SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर/प्लेटफॉर्म न हो। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।






