दिवंगत विधायक की विरासत पर सियासी मंथन, फरीदपुर सीट पर उपचुनाव की आहट

बरेली। फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल के पंचतत्व में विलीन होते ही जिले के सियासी गलियारों में एक ही सवाल गूंजने लगा है, उनकी राजनीतिक विरासत का वारिस कौन होगा? दो दशक तक भाजपा का परचम फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में थामे रखने वाले प्रो. श्याम बिहारी लाल के असामयिक निधन ने न सिर्फ पार्टी बल्कि पूरे राजनीतिक समीकरण को झकझोर दिया है।
प्रो. श्याम बिहारी लाल वर्ष 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज नहीं कर सके थे, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा बनाए रखा। जनता का विश्वास जब उनके पक्ष में आया तो उन्होंने 2017 और 2022 में लगातार दो बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। वह फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार विधायक चुने जाने वाले पहले नेता बने।
फरीदपुर सीट का सियासी गणित
फरीदपुर सुरक्षित विधानसभा सीट पर वर्ष 1990 से 2022 तक हुए आठ विधानसभा चुनावों में चार बार समाजवादी पार्टी, तीन बार भाजपा और एक बार बसपा को जीत मिली है। प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन के बाद यहां उपचुनाव तय माना जा रहा है। चूंकि बसपा आमतौर पर उपचुनावों से दूरी बनाती रही है, ऐसे में मुकाबला मुख्यतः भाजपा और सपा के बीच होने की संभावना है।
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रो. श्याम बिहारी लाल ने सपा प्रत्याशी विजय पाल सिंह को महज 2921 मतों के अंतर से पराजित किया था। यही वजह है कि सपा इस सीट को दोबारा हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी पहले प्रो. श्याम बिहारी लाल के परिवार में ही राजनीतिक उत्तराधिकारी तलाशेगी। यदि परिवार से कोई आगे नहीं आता, तो किसी मजबूत संगठनात्मक कार्यकर्ता पर दांव लगाया जा सकता है।
कर्मभूमि बनी आखिरी सफर की साक्षी
प्रो. श्याम बिहारी लाल मूल रूप से बरेली के शक्तिनगर में परिवार के साथ रहते थे। शुरुआत में यह माना जा रहा था कि उनकी अंत्येष्टि शहर में ही होगी, लेकिन फरीदपुर की जनता से उनके गहरे भावनात्मक और राजनीतिक रिश्ते को देखते हुए भाजपा नेताओं ने परिजनों से विचार-विमर्श किया। इसके बाद तय हुआ कि उनकी अंत्येष्टि फरीदपुर स्थित श्मशान भूमि पर की जाए। शनिवार को हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और अपनी कर्मभूमि के नेता को नम आंखों से विदाई दी।
रिकॉर्ड बने, मगर पारी अधूरी रह गई
लगातार दो बार विधायक चुने जाने का रिकॉर्ड बनाने के बावजूद प्रो. श्याम बिहारी लाल अपना दूसरा कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों ने कहा कि उनकी बेबाक शैली, साफ छवि और क्षेत्र के प्रति समर्पण को फरीदपुर लंबे समय तक याद रखेगा।
पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति
भाजपा आंवला के जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल एक प्रख्यात शिक्षाविद, सरल व्यक्तित्व और जनप्रिय जनप्रतिनिधि थे। उनका निधन भाजपा के लिए अपूरणीय क्षति है। फरीदपुर की जनता उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों और जनसेवा को हमेशा स्मरण रखेगी।






