बरेली में 120 शत्रु संपत्तियां भारत सरकार के नाम दर्ज

बरेली। भारत छोड़कर पाकिस्तान में बस चुके नागरिकों की जिले में स्थित 120 शत्रु संपत्तियों पर अब पूरी तरह मालिकाना हक समाप्त हो गया है। जिला प्रशासन ने डीवीसी (डिवैस्टमेंट) प्रक्रिया पूरी कराते हुए इन संपत्तियों को अभिरक्षक शत्रु संपत्ति, भारत सरकार (मुंबई) के नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज करा दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही प्रशासनिक छानबीन में ठिरिया क्षेत्र से 9 नई छिपी हुई शत्रु संपत्तियां भी सामने आई हैं, जिनकी कीमत कई करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
216 में से 117 शत्रु संपत्तियों की डीवीसी पूरी
कलेक्ट्रेट सूत्रों के मुताबिक जनपद में कुल 216 शत्रु संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जिनमें से 117 संपत्तियों की डीवीसी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लखनऊ स्थित शत्रु संपत्ति कार्यालय से 177 संपत्तियों के लिए वेस्टिंग ऑर्डर प्राप्त हुआ था। इन्हीं के आधार पर अब तक लगभग 120 संपत्तियों का अमलदरामद भारत सरकार के नाम हो चुका है, जबकि 103 संपत्तियों की डीवीसी फाइलें तैयार की जा रही हैं।
तहसीलवार स्थिति: कहां पूरी, कहां अटकी कार्रवाई
प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, मीरगंज तहसील में कोई भी शत्रु संपत्ति नहीं है। फरीदपुर व नवाबगंज में सभी चिन्हित संपत्तियों की डीवीसी व म्युटेशन पूरी। सदर, बहेड़ी और आंवला तहसीलों में अभी बड़ी संख्या में मामले लंबित
ठिरिया में निकलीं 9 नई शत्रु संपत्तियां
तहसील सदर के ठिरिया क्षेत्र में जांच के दौरान 9 अतिरिक्त शत्रु संपत्तियों के गाटे सामने आए।
इनकी डीवीसी करा दी गई है और वेस्टिंग ऑर्डर के लिए शत्रु संपत्ति कार्यालय, लखनऊ को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
31 दिसंबर तक की आधिकारिक स्थिति रिपोर्ट
तहसील कुल संपत्तियां डीवीसी पूर्ण म्युटेशन पूर्ण
फरीदपुर 4 4 4
नवाबगंज 4 4 4
बहेड़ी 12 5 5
आंवला 71 56 56
सदर 125 44 51
कुल 216 113 103
अब भी लंबित हैं ये संपत्तियां
बहेड़ी : 7 डीवीसी व 7 म्युटेशन शेष, आंवला : 15 डीवीसी व 15 म्युटेशन लंबित, सदर : 81 डीवीसी और 78 म्युटेशन अभी बाकी
प्रशासन सख्त, शत्रु संपत्तियों पर पूरी नजर
अधिकारियों का कहना है कि शेष संपत्तियों की डीवीसी व म्युटेशन प्रक्रिया को भी जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि शत्रु संपत्तियों पर किसी भी तरह का अवैध दावा या कब्जा न रह सके।





