पोस्टमार्टम ड्यूटी के दौरान दारोगा को पड़ा हार्ट अटैक, नहीं बच सकी जान

उझानी। नाबालिग लड़की के शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे एक दारोगा की ड्यूटी के दौरान ही अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। मोर्चरी परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ने पर साथियों और चिकित्सकों ने करीब 20 मिनट तक सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन प्रयास सफल नहीं हो सके।
ड्यूटी निभाते हुए टूटा जीवन
मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के थाना नरौरा क्षेत्र के गांव चिरौली निवासी कुंवरपाल सिंह (55), पुत्र राय सिंह, वर्तमान में कोतवाली उझानी में दारोगा के पद पर तैनात थे। वह लगभग एक वर्ष से उझानी में सेवाएं दे रहे थे।
रविवार को उझानी क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया था। सोमवार को उसी प्रकरण में दारोगा कुंवरपाल सिंह एक महिला कांस्टेबल के साथ पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए मोर्चरी पहुंचे थे।
मोर्चरी में अचानक बिगड़ी हालत
दोपहर करीब 12:15 बजे दारोगा को अचानक बेचैनी महसूस हुई। वह सीना पकड़ते हुए पास की बेंच पर बैठे और कुछ ही पलों में जमीन पर लेट गए। यह देख मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।
साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल सीपीआर देना शुरू किया। स्थिति गंभीर देख उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भी लगातार सीपीआर देकर जीवन बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर बाद चिकित्सकों ने हार्ट अटैक से मृत्यु की पुष्टि कर दी।
पुलिस लाइन में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
दारोगा के निधन की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस परेड ग्राउंड स्थित शहीद स्थल पर दिवंगत दारोगा को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि सभा में
एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह,
एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी,
एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया,
सीओ सिटी रजनीश कुमार,
सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार,
प्रतिसार निरीक्षक इंद्रजीत सिंह,
सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह,
सदर कोतवाल संजय सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को संबल देने की प्रार्थना की।






