मुकदमों की बौछार, फिर भी पुलिस खाली हाथ, जमीन-मकान बेचकर कैसे फरार हुआ ठग कन्हैया गुलाटी?

बरेली। करोड़ों की ठगी कर फरार हुए कैनविज कंपनी के सरगना कन्हैया गुलाटी को पकड़ने में बरेली पुलिस की नाकामी अब खुलकर सामने आ रही है। दर्जनों मुकदमे दर्ज होने के बावजूद पुलिस आज तक न तो उसकी लोकेशन ट्रेस कर सकी और न ही उसके नेटवर्क तक पहुंच बना पाई। हालात ऐसे हैं कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल एफआईआर-एफआईआर का खेल खेलती नजर आ रही है, जबकि ठगी के शिकार लोग अपनी डूबी पूंजी वापस मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
एफआईआर से भरोसा, लेकिन गिरफ्तारी से दूरी
कन्हैया गुलाटी के खिलाफ रोजाना नए मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। पीड़ितों को यह उम्मीद बंधाई जा रही है कि एफआईआर दर्ज होते ही पैसा वापस मिल जाएगा, लेकिन सच्चाई यह है कि यह तभी संभव है जब मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में मुकदमों के बावजूद पुलिस उसकी लोकेशन तक ट्रेस नहीं कर पाई है।
वायरल वीडियो बना सुराग, फिर भी पुलिस खाली हाथ
हाल ही में कन्हैया गुलाटी का एक ऑनलाइन मीटिंग का वीडियो वायरल हुआ, जिसे पुलिस के लिए बड़ा सुराग माना जा रहा था। लेकिन जिस ढीले स्तर पर मामले की जांच की जा रही है, उससे साफ है कि इस वीडियो का भी अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह सुस्त कार्रवाई चलती रही, तो कन्हैया गुलाटी तक पहुंचना पुलिस के लिए लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
पूरा परिवार भूमिगत, रिश्तेदारों पर भी नहीं कस रहा शिकंजा
कन्हैया गुलाटी की पत्नी राधिका गुलाटी, बेटा कृष्णा गुलाटी और साले समेत पूरा परिवार पूरी तरह भूमिगत हो चुका है। आशंका जताई जा रही है कि वह परिवार समेत देश छोड़कर फरार हो चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि बरेली में उसके कई रिश्तेदार मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी पर भी सख्ती नहीं की।
मां की दुकान बंद, संपत्ति पहले ही बेच चुका गुलाटी
कुछ समय तक कन्हैया गुलाटी की मां को दुकान पर देखा गया था, लेकिन जैसे ही चर्चाएं तेज हुईं, दुकान भी बंद हो गई। इसी बीच यह बात सामने आई कि कन्हैया गुलाटी पहले ही अपना मकान, दुकान और अन्य संपत्तियां बेच चुका था। पुलिस की सुस्त कार्यशैली ने उसे पूरा वक्त दे दिया और जब तक लुकआउट नोटिस जारी हुआ, तब तक वह फरार हो चुका था।
पीड़ितों की उम्मीदें, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
करोड़ों की ठगी का शिकार हुए लोग अब सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं क्या कन्हैया गुलाटी की गिरफ्तारी होगी या पुलिस केवल मुकदमे दर्ज करती रहेगी?
पीड़ितों को उम्मीद है कि यदि वह पकड़ा गया, तो शायद उनकी डूबी रकम का कुछ हिस्सा वापस मिल सके। लेकिन मौजूदा हालात में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अब चुनौती बन चुकी है गिरफ्तारी
करोड़ों की ठगी के बाद फरार कन्हैया गुलाटी को पकड़ना अब बरेली पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। जिन लोगों की जिंदगी भर की कमाई लुट चुकी है, वे आज भी उसकी गिरफ्तारी के इंतजार में हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या पुलिस उस तक पहुंचेगी या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?






