हरियाणा में शिक्षा-स्वास्थ्य पर खर्च राष्ट्रीय औसत से कम, सांसद कुमारी सैलजा ने जताई चिंता

हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने हरियाणा में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में इन दोनों अहम क्षेत्रों पर प्रति व्यक्ति खर्च राष्ट्रीय औसत से कम है। इसे चिंताजनक बताते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य ही किसी भी राज्य के मानवीय विकास, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की मजबूत नींव होते हैं।
जारी बयान में सांसद सैलजा ने कहा कि राज्य सरकार वर्षों से नए मेडिकल कॉलेज, बेहतर अस्पताल, आधुनिक स्कूल और कॉलेज खोलने के बड़े-बड़े दावे करती आ रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से मेल नहीं खाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी अस्पतालों में आज भी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, दवाइयों और जांच सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है, जिससे आम जनता को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
सांसद ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों और प्राचार्यों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में ठोस बढ़ोतरी कर इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दे।






