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13 साल बाद हुए स्टेट ओलंपिक के बाद खिलाड़ियों में बढ़ी चिंता, सर्टिफिकेट और ग्रेडिंग का इंतजार

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करीब 13 साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित 27वें राज्य ओलंपिक खेलों में खिलाड़ियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। खेल प्रतियोगिता में हजारों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। लेकिन अब मेडल जीतने वाले खिलाड़ी अपने सर्टिफिकेट और ग्रेडिंग को लेकर इंतजार में हैं, जिससे उनमें चिंता का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार, राज्य स्तर पर आयोजित यह खेल प्रतियोगिता लंबे समय बाद हुई थी, जिसमें एथलेटिक्स, कुश्ती, कबड्डी, बॉक्सिंग, हॉकी, फुटबॉल और कई अन्य खेल शामिल थे। प्रतियोगिता में हजारों खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में पदक वितरित किए गए।

खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि मेडल जीतने के बाद उन्हें राज्य सरकार की नौकरी में फायदा मिलेगा। खासतौर पर यह उम्मीद इसलिए बढ़ी क्योंकि खेलों की शुरुआत से पहले सरकार की ओर से घोषणा की गई थी कि पदक विजेताओं को ग्रेड-4 ग्रेडिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट मिलने के बाद पुलिस और अन्य सरकारी विभागों की ग्रेड-4 श्रेणी की नौकरियों में प्राथमिकता मिलने की संभावना रहती है।

हालांकि, अब तक मेडल विजेता खिलाड़ियों को न तो सर्टिफिकेट मिले हैं और न ही ग्रेडिंग प्रक्रिया पूरी हुई है। यही वजह है कि खिलाड़ी लगातार अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। कई खिलाड़ी यह जानना चाहते हैं कि सर्टिफिकेट कब जारी होंगे और उसके बाद ग्रेडिंग की प्रक्रिया कब शुरू होगी।

सूत्रों के अनुसार, जिला स्तर के खेल अधिकारियों को अभी तक खेल निदेशक की ओर से ग्रेडिंग प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया रुकी हुई है। इससे खिलाड़ियों को सरकारी भर्ती में मिलने वाले संभावित लाभ का फायदा फिलहाल नहीं मिल पा रहा है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सर्टिफिकेट और ग्रेडिंग प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती है, तो खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। कई खिलाड़ी सरकारी नौकरी के लक्ष्य के साथ खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, इसलिए ऐसी देरी उनके करियर पर असर डाल सकती है।

खेलों के आयोजन से पहले सरकार की घोषणा के कारण खिलाड़ियों में काफी उम्मीद जगी थी। लेकिन प्रक्रिया में देरी होने से अब खिलाड़ियों में असमंजस की स्थिति बन गई है। खिलाड़ी चाहते हैं कि सरकार और खेल विभाग जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी कर स्पष्ट दिशा दे।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया बेहद जरूरी है। इससे खिलाड़ियों का भरोसा भी बना रहता है और खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलती है।

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