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बरेली

दावे-आपत्ति की तारीख बढ़ी, 6 मार्च नई डेडलाइन

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बरेली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चल रहे मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) में मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। निर्वाचन आयोग द्वारा दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि को एक महीने आगे बढ़ा दिया गया है। पहले यह समय सीमा 6 फरवरी तक तय थी, लेकिन अब मतदाता 6 मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित और अपडेट करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जा रहा है, जबकि मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि चुनावी सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बन सके।

जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, SIR के दूसरे चरण में अब तक जिले की सभी तहसीलों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए कुल 1,34,635 फॉर्म-6 जमा किए गए हैं। वहीं, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए 1,460 आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इसके अलावा मतदाता विवरण में संशोधन के लिए 31,648 फॉर्म-8 जमा किए गए हैं।

विभागीय स्तर पर कई आवेदन अभी भी लंबित हैं। जानकारी के अनुसार, एईआरओ स्तर पर फॉर्म-6 के 1,066, फॉर्म-7 के 256 और फॉर्म-8 के 3,238 आवेदन लंबित हैं। वहीं, 898 फॉर्म-6 और 77 फॉर्म-8 का निस्तारण किया जा चुका है। बड़ी संख्या में आवेदन अभी प्रोसेस में हैं, जिनमें 1,33,737 फॉर्म-6, 1,459 फॉर्म-7 और 31,571 फॉर्म-8 शामिल हैं।

विधानसभा वार आंकड़ों की बात करें तो बरेली शहर, बरेली कैंट, भोजीपुरा और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों से सबसे ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। इससे यह साफ है कि मतदाता सूची अपडेट कराने को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है।

इस बीच निर्वाचन आयोग की ओर से जिले को लगभग 3,58,387 मतदाताओं के डाटा में त्रुटियों की जानकारी भेजी गई है। इसमें एक ही व्यक्ति से कई लोगों की मैपिंग, नाम की स्पेलिंग में गलती, या परिवार के सदस्यों की उम्र में असामान्य अंतर जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं। इन मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इन नोटिसों पर सुनवाई 27 फरवरी तक की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा। इसके बाद यही सूची आगामी चुनाव प्रक्रिया में इस्तेमाल होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि SIR अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना है ताकि कोई भी पात्र मतदाता वोट देने से वंचित न रहे और अपात्र नाम सूची से हटाए जा सकें।

मतदाताओं के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है या उसमें कोई त्रुटि है तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार कराना जरूरी है, अन्यथा चुनाव में मतदान का अधिकार प्रभावित हो सकता है।

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