800 करोड़ ठगी केस: कन्हैया गुलाटी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बरेली में सामने आए बहुचर्चित हजारों निवेशकों से जुड़ी बड़े पैमाने की ठगी के मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपित कन्हैया गुलाटी और राजेश मौर्य के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोल दी है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस निगरानी तंत्र और भी मजबूत कर दिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कन्हैया गुलाटी के खिलाफ अब तक 51 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जबकि राजेश मौर्य पर भी कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार कन्हैया गुलाटी पर करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। उसने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से लालच भरी स्कीम तैयार की थी। लोगों को बताया गया था कि निवेश करने पर उन्हें 20 महीनों तक हर महीने लगभग पांच प्रतिशत का रिटर्न दिया जाएगा और करीब 22 महीनों बाद पूरी मूल राशि वापस कर दी जाएगी। साथ ही निवेशकों को यह विकल्प भी दिया गया था कि वे रकम वापस लेने के बजाय उस कीमत के बराबर जमीन या प्लॉट ले सकते हैं।
इस स्कीम के झांसे में आकर हजारों लोगों ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में कुछ महीनों तक निवेशकों को तय मुनाफा भी दिया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ गया। लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपित टालमटोल करता रहा और फिर फरार हो गया। इसके बाद बड़ी संख्या में पीड़ितों ने अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज करानी शुरू कर दी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी राधिका गुलाटी, बेटे और अन्य सहयोगियों के खिलाफ कुल 51 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें से कई मुकदमे हाल के महीनों में दर्ज हुए हैं। फिलहाल मुख्य आरोपित पुलिस गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
राजेश मौर्य पर भी गंभीर आरोप
इस मामले से अलग लेकिन समान प्रकृति के एक अन्य बड़े निवेश घोटाले में राजेश मौर्य का नाम सामने आया था। पुलिस के अनुसार उसने जमीन निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए और बाद में फरार हो गया। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसके बैंक खाते फ्रीज किए थे, लेकिन उससे पहले ही बड़ी रकम निकाली जा चुकी थी।
राजेश मौर्य के खिलाफ कुल 34 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने उसे पिछले वर्ष गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद क्या होता है?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब किसी अपराधी की हिस्ट्रीशीट खोली जाती है तो उसकी लगातार निगरानी की जाती है। बीट पुलिसकर्मी उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। समय-समय पर उसे थाने बुलाया जा सकता है। उसके संपर्कों, रिश्तेदारों और आवागमन से जुड़ी जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में अपडेट रखी जाती है।
पुलिस का कहना है कि कन्हैया गुलाटी के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।






