बरेली फरीदपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले भाजपा नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी शुरू कर दी है।

बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की आधिकारिक तारीख भले अभी घोषित नहीं हुई हो, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने अंदरूनी स्तर पर चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं और टिकट के लिए दावेदारी भी जतानी शुरू कर दी है।
यह सीट दो बार के विधायक रहे डॉ. श्याम बिहारी लाल के निधन के बाद रिक्त हुई थी। उनके निधन के बाद से ही क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई थीं और अब संभावित उपचुनाव को देखते हुए दावेदारों ने सक्रियता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, अब तक भाजपा से कम से कम पांच नेताओं ने टिकट के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया है। इनमें दिवंगत विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल के पुत्र ईशान ग्वाल ने भी दावेदारी पेश की है। इसके अलावा अन्य कई स्थानीय नेता भी टिकट की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक टिकट के इच्छुक नेताओं ने क्षेत्र में जनसंपर्क गतिविधियां तेज कर दी हैं। कई नेता सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखा रहे हैं और समर्थकों के बीच पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
सूत्रों के अनुसार, टिकट की दौड़ में जवाहर लाल और संजय सिंह समेत कई नाम चर्चा में हैं। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और संगठन स्तर पर लिया जाएगा।
इधर जिला प्रशासन भी संभावित उपचुनाव को लेकर तैयारियों में जुट गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से उपचुनाव की तैयारियों के तहत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
प्रशासन के अनुसार, फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 410 बूथों के सापेक्ष 820 ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) पूरी कर ली गई है। इससे संकेत मिलता है कि प्रशासन किसी भी समय चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की स्थिति में पूरी तरह तैयार है।
गौरतलब है कि 2 जनवरी को सर्किट हाउस में विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल को हार्ट अटैक आने के बाद उनका निधन हो गया था। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई और उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारियां शुरू हो गईं।
पार्टी संगठन स्तर पर भी चुनाव को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। भाजपा ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने बताया कि फरीदपुर उपचुनाव के लिए पांच नेताओं ने औपचारिक रूप से दावेदारी पेश की है, जिसमें दिवंगत विधायक के पुत्र भी शामिल हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही संगठन पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर जाएगा और सीट जीतने के लिए पूरी रणनीति के साथ काम किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फरीदपुर उपचुनाव स्थानीय स्तर पर भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में टिकट वितरण को लेकर पार्टी बेहद सोच-समझकर फैसला ले सकती है।






