बरेली में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया

बरेली: कांग्रेस पार्टी के संविधान बचाओ अभियान के तहत बरेली में आयोजित कार्यक्रम में सीतापुर लोकसभा सांसद राकेश राठौर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार संविधान की मूल भावना और गैर-बराबरी की अवधारणा को कमजोर करने में लगी हुई है।
राठौर ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों का सबसे अधिक असर गरीब, दलित, पिछड़े और किसानों पर पड़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के एजेंडे को सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित बताते हुए कहा कि पार्टी ऐसे समूहों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
संविधान बचाओ अभियान के प्रमुख बिंदु
कांग्रेस के ‘संविधान बचाव’ अभियान के तहत कई राज्य और शहरों में रैलियों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के मुख्य पहलुओं में शामिल हैं:
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मूल ढांचे की रक्षा:
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा की नीतियां भारतीय संविधान के लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ढांचे को कमजोर कर रही हैं। -
देशभर में प्रदर्शन और रैली:
गोवा और अन्य राज्यों में संविधान की रक्षा के लिए रैलियां आयोजित की जा रही हैं। कांग्रेस का लक्ष्य है कि जनसमूह को सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में जागरूक किया जाए। -
सामाजिक न्याय का मुद्दा:
अभियान में दलित, आदिवासी और किसान समुदायों के अधिकारों की रक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। राठौर ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य फोकस इन्हीं वर्गों के लिए नीति निर्माण और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। -
केंद्र पर निशाना:
कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सत्ताधारी दल संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कम कर रहा है। राठौर ने कहा कि यह कदम लोकतंत्र की नींव को कमजोर करता है।
भाजपा का जवाब
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह 1975 के आपातकाल की याद दिलाने वाला विरोधाभासी कदम है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में खुद संविधान का दुरुपयोग किया था।
राठौर ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस का अभियान केवल आलोचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समानता के मूल्यों को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।
कांग्रेस के संविधान बचाओ अभियान को पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश के रूप में पेश किया गया है, जिसमें यह बताना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।






