बरेली में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, महिला गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली में हनीट्रैप के एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक महिला ने बिजली ठेकेदार को प्रेमजाल में फंसाकर उससे करीब 15 लाख रुपये वसूल लिए। जब कथित पीड़ित ने भुगतान बंद किया तो उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अतिरिक्त 12 लाख रुपये की मांग की गई।
प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने शनिवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कैसे रचा गया कथित जाल?
प्रेमनगर निवासी मनीष गंगवार ने सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को शिकायत दी कि इज्जतनगर क्षेत्र के वीर सावरकर नगर स्थित उनके मामा अशोक कुमार के मकान को एक वर्ष पूर्व पूजा शर्मा नाम की युवती को किराये पर दिया गया था। आरोप है कि किराये पर रहने के दौरान महिला ने आर्थिक मजबूरी का हवाला देकर उनसे नियमित रूप से धनराशि लेनी शुरू कर दी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भावनात्मक रूप से विश्वास में लेने के बाद महिला ने उनके साथ निजी संबंध बनाए और समय-समय पर बड़ी रकम की मांग करती रही। इस बीच 12 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
पूछताछ में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसके पति की आय पर्याप्त नहीं थी, जिसके चलते वह अलग रहने लगी। उसकी दो बेटियां हैं और नियमित आय का स्रोत न होने के कारण वह आर्थिक संकट में थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मनीष गंगवार से हुई और धीरे-धीरे आर्थिक लेन-देन बढ़ता गया।
आरोप है कि जब शिकायतकर्ता को खुद के फंसने का एहसास हुआ और उसने भुगतान रोक दिया, तब दबाव बनाकर उससे बड़ी रकम वसूली गई।
प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए
सीओ प्रथम द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप prima facie सही पाए गए। इसके बाद पूजा शर्मा, उदित पांडेय, गुड्डू बंजारा और अवधेश यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी महिला को वेलेंटाइन डे के दिन गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की भी तलाश जारी है।
अन्य लोगों से भी वसूली का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह गिरोह कथित रूप से संपन्न और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि पूर्व में कुछ अन्य व्यक्तियों से भी धन उगाही की गई हो सकती है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।





