सीबीगंज में 63 बीघा अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, कालोनाइजर फरार

बरेली। शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते जाल पर लगाम कसने के लिए विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सीबीगंज के बंडिया क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही लगभग 63 बीघा भूमि पर बसाई जा रही दो अलग-अलग अवैध कॉलोनियों को सोमवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान संबंधित कालोनाइजर मौके से फरार हो गए।
अभियंताओं की अनदेखी से फल-फूल रहीं अवैध कॉलोनियां
सीबीगंज क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का विस्तार लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण के अभियंताओं की लापरवाही के कारण बिना अनुमति भूखंडों का चिह्नांकन, सड़क निर्माण और बाउंड्रीवाल जैसे कार्य खुलेआम किए जा रहे थे। शहर के अन्य इलाकों—सुभाषनगर, रामपुर रोड और नैनीताल रोड—में भी पूर्व में कई बार कार्रवाई हो चुकी है, इसके बावजूद अवैध निर्माण थमने का नाम नहीं ले रहा।
उपाध्यक्ष के निर्देश पर चला वृहद अभियान
विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. के निर्देश पर सोमवार को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। टीम ने सीबीगंज के बंडिया क्षेत्र में पहुंचकर दो अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों की जांच की।
पहले मामले में किस्मत अली और हाजी आमरिक द्वारा लगभग 13 बीघा भूमि पर बिना प्राधिकरण की अनुमति प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और बाउंड्रीवाल का कार्य किया जा रहा था। टीम ने मौके पर बैकहोलोडर मशीन से निर्माण ध्वस्त कर दिया।
50 बीघा में चल रहा था अवैध विकास
दूसरे प्रकरण में सोनू पंजाबी, दिलावर, राजा और नरेश कुमार यादव द्वारा लगभग 50 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी बिना स्वीकृति भूखंडों का विभाजन और आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जा रहा था। प्रवर्तन टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पूरी संरचना को गिरा दिया।
नगर योजना अधिनियम के तहत कार्रवाई
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, बिना मानचित्र स्वीकृति और विकास प्राधिकरण की अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकास अवैध है और इस पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आमजन से अपील
कार्रवाई के दौरान बीडीए टीम ने आसपास के निवासियों और संभावित खरीदारों से अपील की कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करा लें। बिना प्राधिकरण की स्वीकृति वाली कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में कानूनी और वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
लगातार बढ़ रहा अवैध निर्माण
शहर में तेजी से बढ़ती आबादी और सस्ती जमीन के लालच में लोग बिना अनुमति विकसित कॉलोनियों में निवेश कर रहे हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि न तो वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होती हैं और न ही कानूनी सुरक्षा। विकास प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे और भी स्थानों पर अभियान चलाया जाएगा।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप की स्थिति है, हालांकि यह देखना अहम होगा कि लगातार हो रही कार्रवाइयों के बावजूद अवैध निर्माण पर स्थायी रोक लग पाती है या नहीं।





