राज्य आपदा मोचक निधि से किसानों और पीड़ितों को राहत, यूपी में डॉप्लर वेदर राडार और आपदा मित्रों को मिलेगा प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत 876 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इस राशि से अब तक लाखों किसानों और आपदा पीड़ितों को राहत दी जा चुकी है। फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान दिया गया है। वहीं, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़ रुपये और मकान क्षति के 27,448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आपदा प्रभावितों को त्वरित राहत मिले और उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश में मौसम पूर्वानुमान को और सटीक बनाने के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार स्थापित किए जाएंगे। इन राडारों की मदद से न केवल मौसम का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा बल्कि यह भी जानकारी मिल सकेगी कि किस क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है।
प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इससे किसानों को मौसम संबंधी जानकारी समय पर मिलेगी और वे अपनी खेती को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर निर्णय ले सकेंगे।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (कृषि) रवींद्र कुमार और प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी ने आपदा मित्रों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 45 हजार होमगार्ड्स की भर्ती की जाएगी, जिसमें आपदा मित्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में आपदा मित्रों की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा।
प्रदेश में अब तक 19 हजार आपदा मित्रों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। ये स्वयंसेवक आपदा के समय फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में कार्य करते हैं और प्रभावितों को तुरंत सहायता प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी चला रहा है, जिससे युवाओं को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल हो सके।
सीएम योगी ने कहा कि पहले आपदा आने पर पीड़ितों को वर्षों तक कोई सहायता नहीं मिलती थी। कई बार किसानों के खाते में दो या चार रुपये जैसी नगण्य राशि पहुँचती थी। लेकिन अब सरकार का प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली या आगजनी जैसी आपदा के बाद 24 घंटे के भीतर पीड़ितों के खाते में पैसा पहुँच जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि डॉप्लर वेदर राडार और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन जैसी आधुनिक तकनीकें किसानों और आम नागरिकों को समय पर चेतावनी देने में मदद करेंगी। इससे न केवल फसल क्षति कम होगी बल्कि जनहानि और संपत्ति नुकसान को भी रोका जा सकेगा।
इस कार्यक्रम ने स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर है और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन को भी प्राथमिकता दे रही है। किसानों और आपदा पीड़ितों को राहत देने के साथ-साथ सरकार भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार है।






